सेना के दो फाइटर प्लेन सुखोई-30 और मिराज-2000 ने शनिवार सुबह ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन से उड़ा भरी थी। कुछ देर बाद ये दोनों विमान आपस में टकरा गए, जिससे दोनों में आग लग गई।
मध्य प्रदेश में हुए फाइटर प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले विंग कमांडर हनुमंत राव सारथी के आवास पर मातम छाया हुआ है। जानकारी के मुताबिक, पायलट सारथी का पार्थिव शरीर रविवार दोपहर उनके घर गणेशपुर लाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि 35 वर्षीय विंग कमांडर सारथी के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा तीन साल की बेटी व एक साल का बेटा है। इसके अलावा वह सैनिक परिवार से आते हैं। सारथी के पिता रेवांसिद्दप्पा सारथी सेना के मानद कैप्टन रह चुके हैं तो वहीं भाई प्रवीण सारथी सेवारत ग्रुप कैप्टन हैं।
सुखोई और मिराज में हुई थी टक्कर
दरअसल, सेना के दो फाइटर प्लेन सुखोई-30 और मिराज-2000 ने शनिवार सुबह ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन से उड़ा भरी थी। कुछ देर बाद ये दोनों विमान आपस में टकरा गए, जिससे दोनों में आग लग गई। हादसे के बाद विमान मुरैना के पहाड़गढ़ में गिरे, वहीं एक विमान का कुछ हिस्सा घटना स्थल से करीब 75 किमी दूर भरतपुर में गिरा। इससे पहले सुखोई में सवार दोनों पायलट इजेक्ट कर बाहर निकल गए, लेकिन मिराज में सवार विंग कमांडर हनुमंथ राव सारथी की मौत हो गई। सुखोई से इजेक्ट हुए दोनों पायलट गंभीर रूप से घायल है। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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भारतीय वायु सेना ने विंग कमांडर को दी अंतिम विदाई
भारतीय वायु सेना ने विंग कमांडर हनुमंत राव सारथी को अंतिम विदाई दी। वहीं भारतीय वायु सेना ने अपने बयान में कहा कि सेना वीर वायु योद्धा के परिवार के साथ दृढ़ता से खड़ी है। हनुमंत एक उच्च योग्य और निपुण मिराज पायलट और एक उत्कृष्ट लड़ाकू प्रशिक्षक भी थे।