बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों में परिचालन संबंधी कुछ समस्याएं पहले भी रही हैं पर अहमदाबाद का हादसा सबसे ज्यादा भयावह है। एविएशन सेफ्टी नेटवर्क डाटाबेस के मुताबिक, ड्रीमलाइनर से जुड़ी पिछली कुछ घटनाओं में कोई मौत दर्ज नहीं की गई। हालांकि, अपने 737 मैक्स विमान से जुड़े दो हादसों को लेकर बोइंग को कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ रहा है। 2018 और 2019 में हुए इन हादसों में 346 लोग मारे गए थे। जनवरी, 2024 में अलास्का एयरलाइंस की उड़ान के दौरान 737 मैक्स 9 विमान में छेद होने की घटना भी काफी सुर्खियों में रही थी, जिसमें यात्रियों को तेजी से आती हवाओं के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। बोइंग ने इन हादसों की आपराधिक जिम्मेदारी लेने से बचने के लिए हाल में अमेरिकी सरकार के साथ कोर्ट के बाहर समझौता किया है। हालांकि इसे अभी न्यायाधीश की तरफ से अनुमोदित किया जाना बाकी है। पीड़ितों के परिजन इस सौदे का विरोध कर रहे हैं।
सुरक्षा बढ़ाने पर निवेश की जतानी होगी प्रतिबद्धता
न्याय विभाग के साथ सौदे के तहत बोइंग दोनों हादसों में आपराधिक जिम्मेदारी लेने से तो बच जाएगी, पर उसे स्वीकार करना होगा कि उसने संघीय निगरानी में बाधा डाली है। उसे जुर्माना भरना होगा, पीड़ितों के परिवारों को क्षतिपूर्ति के लिए एक कोष में योगदान देना होगा। प्रतिबद्धता जतानी होगी कि सुरक्षा व गुणवत्ता कार्यक्रमों में निवेश करेगी। सुरक्षा संबंधी मुद्दों के कारण बोइंग के सीईओ डेव कैलहॉन इस्तीफा दे चुके हैं।
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सुर्खियों में रही घटनाएं
- 24 जनवरी, 2025 : यूनाइटेड एयरलाइंस का बोइंग 787-8 विमान कोट डी आइवर से गुजर रहा था जब दोनों इनर्शियल रेफरेंस यूनिट (आईआरयू) में खराबी से ऊंचाई पर उड़ान भरने में दिक्कत आई। विमान को तेजी से नीचे लाया गया। इस दौरान 38 लोग घायल हो गए। हालांकि, विमान सुरक्षित नाइजीरिया के लागोस लौट आया।
- 18 जून, 2021 : हीथ्रो एयरपोर्ट पर पार्किंग में ब्रिटिश एयरवेज 787-8 के नोज जमीन से टकराने से काफी नुकसान पहुंचा। सह-पायलट व कार्गो क्रू को मामूली चोटें आईं, पर बड़ा हादसा नहीं हुआ।
2019 से ही जांच के दायरे में : सुरक्षा और निर्माण खामियों को लेकर हमेशा सवाल
बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर की खासियत अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और ईंधन बचाने में सक्षम होना है, पर हमेशा वह विवादों के घेरे में रहा है। इसमें सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। यही नहीं, कई बार उत्पादन गुणवत्ता संबंधी खामियां भी सामने आई हैं। अहमदाबाद हादसे ने इस पर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं...
- बोइंग का नॉर्थ चार्ल्सटन प्लांट गुणवत्ता नियंत्रण संबंधी मुद्दों को लेकर 2019 से ही जांच के दायरे में है। मसलन, सीटें ढीली-ढाली होना, नट-बोल्ट पूरी तरह से न कसे जाना और फ्यूल-लाइन क्लैंप असुरक्षित होना। इसका विनिर्माण स्वीकार्य मानकों से काफी नीचे बताया जा चुका है।
- बोइंग की मुश्किलें पिछले साल अक्तूबर में तब और बढ़ गईं, जब इतालवी जांच अधिकारियों ने पाया कि दो एयरोस्पेस आपूर्तिकर्ताओं ने 787 के निर्माण में इस्तेमाल के लिए घटिया स्तर की टाइटेनियम और एल्युमीनियम मिश्र धातु की आपूर्ति की थी। इससे विमानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
- 787 ड्रीमलाइनर परिवार के पहले संस्करण बोइंग 787-8 को आधिकारिक तौर पर 2004 में लॉन्च किया गया। पहली उड़ान 15 दिसंबर, 2009 को भरी और अक्तूबर 2011 में ऑल निप्पॉन एयरवेज (एएनए) के साथ वाणिज्यिक सेवा में उतरा। इसमें 210 से 248 यात्री सफर कर सकते हैं।
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