राहत आयुक्तों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मिश्र ने कहा, आपदा की अनिश्चितता को संभालने के लिए तैयारी और जागरूकता महत्वपूर्ण है। खतरे और कमजोरियों का परिदृश्य बदल रहा है, इसलिए राज्यों को अपनी तैयारी के स्तर को बढ़ाना चाहिए।
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्र ने कहा कि राज्यों को आपदा जोखिम को कम करने के लिए किफायती, लेकिन उच्च प्रभाव वाली योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा, कुछ आपदाओं में नुकसान की संभावना अनुमान से कहीं अधिक पाई गई है, इसलिए इससे निपटने के लिए शमन प्रयासों के पुनर्मूल्यांकन की जरूरत है।
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राहत आयुक्तों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मिश्र ने कहा, आपदा की अनिश्चितता को संभालने के लिए तैयारी और जागरूकता महत्वपूर्ण है। खतरे और कमजोरियों का परिदृश्य बदल रहा है, इसलिए राज्यों को अपनी तैयारी के स्तर को बढ़ाना चाहिए।
आपदाओं के लगातार बदलते परिदृश्य के बारे में उन्होंने कहा कि हमें इस वास्तविकता को स्वीकार करना चाहिए कि खतरे आपस में जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, चरम घटनाओं और अनिश्चितताओं की उभरती चुनौतियों को देखते हुए राज्यों को अपने संस्थानों, प्रक्रियाओं और प्रणालियों को पुनः समायोजित और सक्रिय करने की आवश्यकता है, ताकि वे जानमाल की हानि को रोककर ऐसी स्थिति से निपटने के लिए खुद को तैयार रख सकें।
इस सम्मेलन में राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों, संगठनों और एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, होम गार्ड्स, फायर सर्विसेज से 1,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने प्रारंभिक चेतावनी, आपदा के बाद आवश्यकता मूल्यांकन, शहरी बाढ़ प्रबंधन मॉकड्रिल आदि जैसे विषयों पर चर्चा की।