जेनरिक दवाओं में घरेलू उद्योग खुद को मजबूत करने की कोशिश करे
केंद्रीय उद्योग और व्यापार मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि घरेलू दवा उद्योग जेनरिक दवाओं में खुद को मजबूत बनाने और दवाओं के कच्चे माल और उत्पादन के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करे। जेनरिक दवाइयों का मतलब उनसे है जिसका पेटेंट खत्म होने के बाद मूल कंपनी के अलावा दूसरी कंपनियों को उसे बनाने की अनुमति होती है। इस तरह की दवाइयां काफी सस्ती होती हैं।
गोयल भारतीय दवा निर्माता संघ के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि फार्मा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति चेन से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए एक लंबी अवधि की योजना बनाकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों में देखी गई जबरदस्त वृद्धि को आगे भी बनाए रखना चाहिए, ताकि हम आत्म-निर्भर बन सकें।
गोयल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति चेन के बारे में कुछ भी पहले अनुमान लगा पाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। साथ ही चुनौतियों का दायरा कल्पना से भी ज्यादा गंभीर हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में यह जरूरी है कि हम न केवल जेनरिक दवाओं के क्षेत्र में अपनी मजबूती पर ध्यान दें, बल्कि अपने कच्चे माल एवं उत्पादन के बीच तालमेल को बनाए रखें। उनके मुताबिक, हम दुनिया के सामने एक ताकतवर देश के विश्वास के साथ जाएंगे।