भारत यात्रा पर आए इटली के विदेश मंत्री लुइगी डे मायो ने शुक्रवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। बैठक के बाद गोयल ने कहा कि 135 करोड़ भारतीयों की दुनिया एक बेहतर भविष्य का इंतजार कर रही है... भारत संभवत: पूरी दुनिया में सबसे बड़े कारोबारी अवसरों की पेशकश करता है। हम आज तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से अगले 10 साल में 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं।
वहीं, इटली के विदेश मंत्री मायो ने कहा कि भारत-इटली औद्योगिक स्तर पर हमारी सरकार सहयोग बढ़ाना चाहती है। आज की बैठक हमारे रणनीतिक भागीदारी को आकार देने में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हमारे कारोबारी समुदायों के बीच घनिष्ठ कारोबारी व औद्योगिक संबंधों का संकेत है। उन्होंने कहा कि भारत और इटली डायनैमिक आर्थिक सहयोग का अनुभव कर रहे हैं। इटली की कई कंपनियां भारतीय बाजार का रुख कर रही हैं।
मायो ने भारत-इटली बिजनेस राउंडटेबल के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के चलते अंतरराष्ट्रीय कारोबार में कमी आने के बाद, भारत और इटली अब न केवल 2019 में प्राप्त किए गए द्विपक्षीय कारोबार के आकार को फिर से हासिल कर चुके हैं बल्कि दोनों देश 2021 में 10 बिलियन यूरो से अधिक के कारोबार के नए रिकॉर्ड पर भी पहुंचे हैं।
इटली के विदेश मंत्री ने कहा कि हमारे देश की 600 से अधिक कंपनियों ने भारत में अपनी मौजूदगी स्थापित की है। ये मुख्यत: दिल्ली,मुंबई और पुणे में स्थित हैं और इनके 50,000 से ज्यादा कर्मचारी स्थानीय हैं। इनका वैश्विक टर्नओवर पांच बिलियन यूरो का है। मायो ने आगे कहा कि भारत और इटली इस साल नवंबर में एनर्जी ट्रांजिशन और ग्रीन इकनॉमी पर एक टैक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन करेंगे। यह कार्यक्रम दिल्ली में होगा।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य उस रणनीतिक सहयोग के लिए एक संस्थागत फ्रेमवर्क तैयार करना है जिसकी शुरुआत हमारे दो प्रधानमंत्रियों ने रोम में अक्तूबर 2021 में की थी। हमारा उद्देश्य भारत और इटली के संस्थानों, विश्वविद्यालयों, शोध केंद्रों और कंपनियों के बीच प्रभावी संवाद को बढ़ावा देना है। इससे पहले इटली के विदेश मंत्री ने शुक्रवार को ही अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस जयशंकर से भी नई दिल्ली में ही मुलाकात की थी।
भारत-इटली ऊर्जा भंडारण पर करेंगे आपसी सहयोग
भारत की तीन दिनी यात्रा पर आए इटली के विदेश मंत्री लुइगी दे मियो व विदेश मंत्री एस जयशंकर की मुलाकात में दोनों देशों के बीच ग्रीन हाइड्रोजन, गैस परिवहन, जैव ईंधन व ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में मिलकर काम करने की संभावनाएं तलाशने पर सहमति बनी। एनर्जी ट्रांजीशन और सर्कुलर इकोनॉमी पर टेक समिट 17 नवंबर को दिल्ली में कराने पर भी सहमति बनी। दोनों ने आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद और साइबर क्राइम पर मिलकर काम करने की सहमति जताई।