अंतरिक्ष जगत में कई स्टार्टअप कंपनियां अपना कौशल दिखाने को तैयार हैं। इसी कड़ी में बंगलूरू की स्टार्टअप पिक्सेल भी शामिल है। पिक्सेल ने कहा है कि करीब पांच महीने बाद घरेलू उपग्रहों - फायरफ्लाइज को लॉन्च करने की शुरुआत होगी। पांच मीटर रेजॉल्यूशन के साथ धरती की बेहतर निगरानी की तैयारी में इन उपग्रहों में हाइपर-स्पेक्ट्रल इमेजरी का इस्तेमाल किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक पिक्सेल ने बंगलुरू की उपग्रह निर्माण इकाई मेगा पिक्सेल की शुरुआत की है। यहां हर साल 100 किलोग्राम वजनी 40 उपग्रहों को जमा कर इंटीग्रेट और इनका परीक्षण किया जा सकेगा। स्टार्टअप कंपनी के मुताबिक अंतरिक्ष जगत में अवसरों की पहचान करते हुए खगोलीय दुनिया में छलांग लगाना इनका मकसद है।
पिक्सेल के संस्थापक और सीईओ अवैस अहमद के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि अगर आप 100-किलोग्राम सूक्ष्म उपग्रहों को देखें तो इनसे कई वाणिज्यिक काम प्रभावी तरीके से किए जा सकते हैं। पिक्सेल इनमें से 20 को एक ही समय में कर सकता है। अहमद ने बताया कि पिक्सेल का लक्ष्य जून से फायरफ्लाइज़ नाम के छह उपग्रहों को लॉन्च करना है। इनका वजन 100 किलोग्राम होगा। अगले साल 12 और उपग्रह जोड़े जाएंगे। ये वाणिज्यिक हाइपर-स्पेक्ट्रल उपग्रहों की श्रेणी में सबसे अधिक संख्या है।
पिक्सेल ने पिछले साल गूगल, लाइटस्पीड जैसे दुनिया के बड़े निवेशकों से फंड हासिल किया था। कंपनी ने 36 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए थे। 2018 में अपनी स्थापना के बाद से पिक्सेल बीते लगभग पांच साल में 71 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटा चुका है। कंपनी के प्रमुख अहमद ने बताया, फिलहाल हमें पैसे की जरूरत नहीं है। हमें अपने मिशन पर फोकस करना है। जून में फायरफ्लाइज के लॉन्च के बाद और फंडिंग की अपील करेंगे।
गौरतलब है कि बेंगलुरु में पिक्सेल के उपग्रह निर्माण केंद्र का उद्घाटन 15 जनवरी को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने किया था। 30 हजार वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में फैले इस अत्याधुनिक केंद्र पर आईएसओ क्लास 7 और आईएसओ क्लास 8 के दो आधुनिक क्लीन रूम (clean rooms) शामिल हैं।