साल 2019 का दूसरा ग्रहण 20 जनवरी को पड़ा। ग्रहण 20 से 21 जनवरी तक रहा। यह एक अद्भुत खगोलीय घटना थी। इस दौरान फुल मून (पूर्णिमा) तो हुई ही, साथ ही चांद भी पूरी तरह से लालिमा से बिखरा हुआ नजर आया। इसी कारण इसे रेड मून भी कहा जा रहा है। हालांकि ये भारत में नहीं दिखा।
ये तस्वीर है फ्रैंकफुर्ट देश में दिखे सुपर मून की। सुपर मून तब होता है जब चांद धरती के काफी करीब हो। जनवरी के फुल मून यानी पूर्ण चंद्रमा को पारंपरिक तौर पर वुल्फ मून कहा जाता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण में चांद पूरी तरह से काला नहीं होता।
ये तस्वीर है कैलिफोर्निया के लास एंजेलिस शहर की। इस तस्वीर में सुपर मून के हर एक चरण को आसानी से देखा जा सकता है।
ये तस्वीर भी कैलिफोर्निया के लास एंजेलिस की है। लोग सुपर मून का अद्भुत नजारा देख रहे हैं।
ये तस्वीर है न्यूजर्सी की। इमारतों के बीच बेहद अद्भुत दिख रहा है सुपर मून।
सुपर मून की ये अनोखी तस्वीर अर्जेंटीना की है।
ये तस्वीर पैराग्वे में दिखे सुपर मून की है।
ये तस्वीर ब्रिटेन में दिखे सुपरमून की है।