बीते गुरुवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी के नेतृत्व में कई एजेंसियों ने देशभर में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान सौ से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। महाराष्ट्र एटीएस ने राज्य से 20 लोगों को हिरासत में लिया था।
एटीएस ने आज यहां एक अदालत को बताया कि वह पकड़े गए आरोपियों में से पांच के अलकायदा और इस्लामिक स्टेट समेत अन्य संगठनों से संबंधों की जांच करना चाहती है। एटीएस ने कहा कि वह इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की भी जांच करना चाहती है।
एटीएस ने कहा कि उसने एक आरोपी से कुछ साहित्य और 'हू किल्ड करकरे' नामक किताब बरामद की है और उसका लैपटॉप और फोन जब्त किया है। अदालत ने पांचों आरोपियों की एटीएस हिरासत तीन अक्तूबर तक के लिए बढ़ा दी है। अदालत ने यह भी कहा है कि जांचकर्ताओं की 14 दिन की हिरासत की मांग उचित नहीं है।
इन आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने, समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया गया है। एटीएस ने पांचों आरोपियों की पिछली रिमांड अवधि समाप्त होने पर सोमवार को उन्हें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए.एम. पाटिल की अदालत में पेश किया।
पीएफआई का एक और कार्यकर्ता गिरफ्तार
वहीं दूसरी ओर सोमवार महाराष्ट्र एटीएस ने मराठवाड़ा क्षेत्र के नांदेड़ से पीएफआई के एक और कार्यकर्ता मोहम्मद अबेद अली मोहम्मद महबूब अली (40) को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही गिरफ्तार किए गए पीएफआई कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
अधिकारी ने बताया कि अली को विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और राज्य के खिलाफ कुछ अपराध करने की साजिश रचने के लिए आईपीसी की धाराओं और यूएपीए के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। उसे मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
22 सितंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के नेतृत्व में की एजेंसियों ने एकसाथ 15 राज्यों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी। इस दौरान पीएफआई के 106 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।