उन्होंने बताया, "जब हमने उन्हें एक बार बताया कि उनके नाम का अकाउंट मिला है, तो हमने उनसे चर्चा की कि महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए इसे किस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। उसी समय इस सर्टिफिकेट की नीलामी का फैसला लिया गया और इससे मिलने वाले पैसौं को मंत्रालय को देने का फैसला लिया गया।"