केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि संसद भवन परिसर के अंदर किसी भी पालतू जानवर को लाने की अनुमति नहीं है। यह बयान कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी से जुड़े विवाद के एक महीने बाद आया है।
क्या था मामला?
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान एक दिसंबर 2025 को रेणुका चौधरी अपनी कार में एक कुत्ते के साथ संसद परिसर पहुंची थीं। इस पर काफी विवाद हुआ था। सांसद ने सफाई दी थी कि वह एक बचाया हुआ आवारा कुत्ता था और वह उसे डॉक्टर के पास ले जा रही थीं।
ये भी पढ़ें: Pending Bills In Parliament: राज्यसभा में दशकों से अटके हैं विधेयक, 19 की सूची; 34 साल पुराना बिल भी शामिल
सीआईएसएफ ने क्या कहा?
सीआईएसएफ ने कहा कि इस घटना के बाद से वह सांसदों को इस नियम के बारे में जागरूक करने की कोशिश कर रही है। सीआईएसएफ के डायरेक्टर जनरल प्रवीर रंजन ने यहां मीडिया से बात करते हुए कहा, "नियम बहुत साफ हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि पालतू जानवरों को अंदर लाने की इजाजत नहीं है।"
सांसदों की गाड़ियों की नहीं होती तलाशी
सीआईएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) विजय प्रकाश ने बताया कि जब सांसद संसद भवन की सीमा में आते हैं, तो उनके वाहनों की तलाशी नहीं ली जाती। उन्होंने कहा कि दिसंबर वाली घटना की जानकारी लोकसभा अध्यक्ष और महासचिव को दी गई थी, जिन्होंने मामले को संभाला।
ये भी पढ़ें: बजट 2026: संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से होगा शुरू, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी; दो चरणों में चलेगी कार्यवाही
बिना रोक-टोक मिलता है प्रवेश
डीजी रंजन ने कहा कि सत्र के दौरान सांसदों को विशेष अधिकार होते हैं और उन्हें बिना रोक-टोक प्रवेश मिलता है। उन्होंने कहा यह सांसदों पर निर्भर करता है कि वे नियमों का कितना पालन करते हैं।
अन्य वीडियो-