पीठ ने मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद के लिए तय कर दी। 24 छात्रों ने याचिका दाखिल कर स्कूल पर नंबर बढ़ाने के एवज में पैसों की मांग करने का आरोप लगाया था।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि कुछ दसवीं पास छात्रों को पूरी कक्षा की विस्तृत अंक तालिका नहीं दी सकती। सीबीएसई उस याचिका का जवाब दे रहा था, जिसमें दसवीं पास छात्रों ने ओडिशा के एक स्कूल पर आरोप लगाया था कि अपनी मनमानी छिपाने के लिए स्कूल उन्हें कक्षा के अन्य बच्चों की अंक तालिका नहीं उपलब्ध करा रहा।
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जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ के समक्ष दाखिल हलफनामे में सीबीएसई ने बताया कि उसकी तीन सदस्यीय जांच समिति ने पिछले साल अगस्त में अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कर दिया था कि स्कूल ने नियमों का पालन किया है और दसवीं के नतीजे बनाने में कोई गलती नहीं की है।
इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद के लिए तय कर दी। 24 छात्रों ने याचिका दाखिल कर स्कूल पर नंबर बढ़ाने के एवज में पैसों की मांग करने का आरोप लगाया था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट से स्कूल की कारगुजारी की जांच का निर्देश देने की मांग की थी।