यह याचिका जम्मू-कश्मीर की रहने वाली सुप्रिया पंडिता ने दायर की है। अपनी याचिका में उन्होंने गुजरात सरकार, महाराष्ट्र सरकार और एक व्यापारिक घराने को प्रतिवादी बनाया है। पंडिता ने कोर्ट से प्रतिवादी सरकारों को यह निर्देश देने की मांग भी की है कि वह चीन के साथ हुए करारों के रद्द करें। उन्होंने भारत की चीन के साथ व्यापार नीति के बारे में भी बताने को कहा है।
बता दें कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर कई स्थानों पर भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं। 15 जून की रात गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से वहां तनाव व्याप्त है। इस हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे और चीन को भी क्षति उठानी पड़ी थी। लेकिन, चीन ने इस नुकसान का विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया है।
याचिका में कहा गया है कि एलएसी पर 15 जून की घटना के बाद से भारतीय नागरिक और व्यापारिक संगठन देश में चीनी उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान कर रहे हैं। बता दें कि गलवां घाटी की घटना के बाद सरकार ने 3500 किलोमीटर लंबी एलएसी पर चीन की सेना के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिये भारतीय सेना को खुली छूट दे दी है।