मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि महानिदेशक कार्यालय की तरफ से जो नियम तय किए जाएंगे, उसके मुताबिक ही मानव रहित विमान को उड़ान भरने की इजाजत मिलेगी।
कोई भी व्यक्ति को किसी दूसरी संस्था या पायलट को मानव रहित विमान उड़ाने का लाइसेंस व प्रमाणपत्र देता है, तो उसे तय नियमों का पालन करना पड़ेगा।
अगर इस मामले में वह कुछ छिपाता है या धोखाधड़ी कर प्रमाणपत्र किसी दूसरे व्यक्ति को देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।