राष्ट्रवाद के मोर्चे पर कड़े तेवर दिखला रही मोदी सरकार अब पाकिस्तान से आए अल्पसंख्यक हिंदुओं और सिखों के लिए दरियादिली दिखाएगी। इस क्रम में मोदी सरकार सीमापार में जुल्म का शिकार हो कर दीर्घकालिक वीजा के सहारे भारत में रह रहे ऐसे लोगों को कई अहम सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी में है।
इस क्रम में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ऐसे दो लाख शरणार्थियों को भारत में संपत्ति खरीदने, बैंक खाता खोलने, आधार और पैन कार्ड बनवाने की अनुमति देने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा, इनसे रजिस्ट्रेशन के मद में ली जाने वाली फीस को 15 हजार रुपये से घटा कर महज सौ रुपये प्रति व्यक्ति करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि साल 2014 में केंद्र में सत्ता संभालने के बाद मोदी सरकार ने ऐसे अल्पसंख्यक नागरिकों को दीर्घकालिक वीजा जारी करने के अलावा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी कई कदम उठाए थे।
पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अत्याचारों से तंग आकर भारत में शरण लेने वाले शरणार्थियों की कई मुश्किलें आसान होने वाली हैं। गृह मंत्रालय इन्हें देश में मताधिकार को छोड़ कर अन्य अधिकार दिए जाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
इन शरणार्थियों को देश के किसी भी हिस्से में आने जाने की आजादी दिए जाने संबंधी प्रस्ताव पर भी गंभीरता से विचार हो रहा है। इस क्रम में ऐसे शरणार्थियों को ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड बनवाने के लिए विदेशी पंजीयन अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा। इसके अलावा इन्हें अपना रोजगार शुरू करने और आवास खरीदने के लिए भी कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी।