चुनाव की पू्र्व संध्या पर यूपी आतंकी दस्तक से दहल उठा। एक के बाद कई लखनऊ, कानपुर में दहशतगर्द पकड़े गए। धीरे-धीरे खुलासा हुआ कि इनके तार भोपाल में हुए ट्रेन धमाकों से जुड़े हैं। ट्रेन में हुए धमाके ट्रायल ब्लास्ट बताए गए। इसके बाद मध्यप्रदेश सरकार ने इसे ISIS से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमला माना तो यूपी ने इस बात को सिरे से नकार दिया। आतंकी मुठभेड़ को लेकर एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) दलजीत चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि मारे गए संदिग्ध आतंकी सैफुल्ला के आईएसआईएस से डायरेक्ट जुड़े होने के सुबूत नहीं मिले हैं। साथ ही दलजीत चौधरी ने कहा कि युवा सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकी संगठनों से जुड़ रहा है।
इस सारे मामले में सुरक्षा एजेंसियों को लेकर सवाल उठे। एक ओर जहां लोग कह रहे थे कि सुरक्षा एजेंसियां समय से सक्रियता दिखाती तो लखनऊ में संदिग्ध आतंकी पांव न पसारते। वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि एजेंसियों ने समय से काबू पा लिया इसीलिए कोई बड़ी घटना नहीं घट पाई। ऐसे में सवाल उठता है कि लखनऊ एनकाउंटर में सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका कैसी रही। अमर उजाला ने इसी को लेकर ऑनलाइन पोल आयोजित किया। सवाल था- 'लखनऊ एनकाउंटर में सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका को आप कैसे देखते हैं ?
पोल के परिणाम कुछ इस प्रकार हैं-
- पोल में कुल 8312 लोगों ने वोट किया।
-44.51% यानि 3700 लोगों का मानना है कि इस ऑपरेशन में एजेंसियों की भूमिका शानदार रही।
- 29.11% यानि 2420 लोगों का मानना है कि सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका साधारण रही।
- 26.37% यानि 2192 लोगों का मानना है कि सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका संतोषजनक थी।