मल्लिकार्जुन खड़गे के चैंबर में हुई इस बैठक में विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने इस मुद्दे पर आगे की रणनीति के लिए विचार विमर्श किया। इस बैठक में खड़गे के अलावा राज्यसभा में विपक्ष के नेता आनंद शर्मा, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, सुखेंदु शेखर राय (टीएमसी), संजय राउत (शिवसेना), वंदना चव्हाण (एनसीपी), तिरुचि शिवा, आरएस भारती (डीएमके), इलामाराम करीम (सीपीएम), विनय विश्वम (भाकपा), श्रेयांश कुमार (एलजेडी) लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, रंजन गगोई समेत अन्य रहे।
सूत्र बताते हैं कि बैठक में केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर आगे घेरना जारी रखने पर निर्णय हुआ। विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक को लेकर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता का कहना है कि हम एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। सरकार से सवाल पूछना, मुद्दे उठाना, विरोध दर्ज कराना हमारा धर्म है। संसद चलने देने या चलाने की जिम्मेदारी केवल विपक्ष की नहीं है। यह सरकार की भी जिम्मेदारी है कि वह चर्चा कराए, मुद्दे पर जवाब दे और इस तरह के जवाबदेह वातावरण का निर्माण करे। पी चिदंबरम कहते हैं कि केंद्र सरकार का चर्चा में यकीन ही नहीं है। वह मुद्दे से भागने और लोकतंत्र को कमजोर करने में भरोसा रखती है।
पेगासस स्पाइवेयर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हो चुकी है। दूसरी तरह विपक्ष ने भी सदन में हंगामा जारी रखा। वहीं इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपक्ष को घेरने की कोशिश की है। पेगासस मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस सरकार के कामकाज में रोड़े अटकाती रहती है। प्रधानमंत्री की इसी लाइन पर सत्ता पक्ष के मंत्री और सांसद भी विपक्ष को घेर रहे हैं।
पेगासस स्पाइवेयर प्रकरण को लेकर आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। फ्रांस की साइबर मामलों की एजेंसी ने भी पेगासस स्पाइवेयर से जासूसी के प्रकरण पर एक तरह से मुहर लगा दी है। फ्रांस में इस मुद्दे पर चल रही जांच पर भारतीय नीति निर्माताओं की भी नजर है।