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Mumbai: 'मराठी साइनबोर्ड न लगाने पर 1 मई से देना होगा दोगुना संपत्ति कर', बृहन्मुंबई नगर निगम की चेतावनी

Mon, 08 Apr 2024 10:44 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Mumbai: बीएमसी ने एक विज्ञप्ति में यह भी कहा कि उसने उन रोशनी वाले बोर्ड (चमक के संकेत) का लाइसेंस रद्द करने का फैसला किया है, जिन पर मराठी या देवनागरी लिपि में अक्षर नहीं हैं।
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बीएमसी - फोटो : Social Media
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विस्तार
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मराठी या देवनागरी लिपि में साइनबोर्ड ने लगाने वाली दुकानों और प्रतिष्ठानों को एक मई से दोगुना संपत्ति कर का भुगतान करना होगा। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने सोमवार को यह बात कही।  

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बीएमसी ने एक विज्ञप्ति में यह भी कहा कि उसने उन रोशनी वाले बोर्ड (चमक के संकेत) का लाइसेंस रद्द करने का फैसला किया है, जिन पर मराठी या देवनागरी लिपि में अक्षर नहीं हैं। नागरिक निकाय ने आगे कहा कि रद्द किए गए लाइसेंस रिन्यू कराने में 25 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक का खर्च आएगा। 

विज्ञप्ति में कहा गया है कि बार-बार छूट देने के बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश और महाराष्ट्र दुकान और प्रतिष्ठान (रोजगार और सेवा की शर्तों का विनियमन) नियम, 2018 और महाराष्ट्र दुकान और प्रतिष्ठान (रोजगार और सेवा शर्तों का विनियमन) (संशोधन) अधिनियम 2022 के नियम 35 और धारा 36सी का पालन न करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। 

इसमें आगे कहा गया है कि हाल ही में नियुक्त बीएमसी आयुक्त-सह-प्रशासक भूषण गगरानी की अध्यक्षता में इस मुद्दे पर समीक्षा बैठक हुई, जिसके बाद कड़ी कार्रवाई करे के फैसले को अंतिम रूप दिया गया। शीर्ष अदालत ने 23 नवंबर 2023 की समय सीमा से पहले दुकानों और प्रतिष्ठानों में साइनबोर्ड पर मराठी भाषा या देवनागरी लिपि प्रदर्शित करने के लिए दो महीने का समय दिया था। इसके बाद बीएमसी ने 28 नवंबर 2023 से अनुपालन की जांच के लिए एक अभियान शुरू किया।
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बयान में कहा गया है कि 28 नवंबर 2023 से इस साल 31 मार्च के बीच कुल 87,047 दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिस दौरा इनमें से 84,007 (96.50 फीसदी) ने मराठी साइनबोर्ड लगाए थे। 
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