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'हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा': महादीपम मामले पर उपजे विवाद से भड़के पवन कल्याण, कहा- जब सबरीमला पर SC ने...

Thu, 11 Dec 2025 06:05 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती

सार

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने चार दिसंबर को श्रद्धालुओं को दीपथून में 'कार्तिगई दीपम' दीप जलाने की अनुमति दी थी। पीठ ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया था।
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आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने आरोप लगाया है कि हर कोई हिंदुओं को निशाना बना रहा है और हर मौके पर उनकी परंपराओं पर सवाल उठा रहा है। पवन कल्याण ने जोर देकर कहा कि हिंदू रीति-रिवाजों पर हमले होने पर विरोध करना हर हिंदू का दायित्व है। इसके साथ ही जनसेना प्रमुख ने कहा कि सनातन धर्म को बचाना केवल उनका काम नहीं है। उन्होंने हर हिंदू से इसके लिए काम करने का आह्वान किया और 'सनातन धर्म रक्षा बोर्ड' की स्थापना पर जोर दिया।

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पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के तिरुपरमकुंद्रम पहाड़ी पर तेल का दीपक जलाने को लेकर हुए विवाद का जिक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच के एक न्यायाधीश की ओर से हिंदू समुदाय के अधिकारों की रक्षा का फैसला सुनाए जाने के बाद 100 से ज्यादा सांसदों ने संसद में न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग की मांग की है।

'जब सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला मंदिर में फैसला सुनाया, तो...'
अभिनेता और राजनेता पवन कल्याण ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला मंदिर मामले में अपना फैसला सुनाया, तो हिंदुओं ने कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन न्यायाधीशों के महाभियोग की मांग नहीं की। उन्होंने कहा कि संविधान ने सभी धर्मों को समान अधिकार दिए हैं और न्याय सभी के लिए समान है। उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम और ईसाई धर्म के हितों की रक्षा के लिए बनाए गए नियम हिंदू धर्म पर भी लागू होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में कुछ राजनीतिक दल छद्म धर्मनिरपेक्षता का पालन कर रहे हैं। उन्होंने तमिलनाडु की डीएमके सरकार पर मंदिरों के मामलों में दखलअंदाजी करने का आरोप लगाया। 
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क्या है पूरा मामला
मद्रास हाईकोर्ट ने दरगाह के पास स्थित एक मंदिर में 'कार्तिगई दीपम' जलाने की अनुमति देने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए पांच दिसंबर को सहमति जताई थी।

'रीति-रिवाजों पर हमले का विरोध करना, हर हिंदू का कर्तव्य'
उन्होंने आरोप लगाया कि हर कोई हिंदुओं को निशाना बना रहा है और हर संभव मौके पर उनकी परंपराओं पर सवाल उठा रहा है। कल्याण ने कहा कि जहां भी हिंदू रीति-रिवाजों पर हमला होता है, चाहे वह तमिलनाडु हो, असम हो या पश्चिम बंगाल, वहां इसका विरोध करना हर हिंदू का कर्तव्य है।

जनसेना के संस्थापक ने बुधवार रात एक बयान में कहा, 'जो भी व्यक्ति हाथ जोड़कर भगवान से प्रार्थना करने मंदिर जाता है और जो लोग सनातन धर्म (हिंदू धर्म) में विश्वास रखते हैं, उन्हें मौकापरस्त राजनेताओं के झुकाव के बारे में बात करनी चाहिए।' कल्याण ने दावा किया कि हिंदू एकता की धारणा एक भ्रम है, क्योंकि हिंदू जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर विभाजित हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के बीच इस तरह के विभाजन को देखते हुए यह दावा कि 'देश में हिंदू बहुसंख्यक हैं' भ्रामक है।
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