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RSS: 'देशभक्ति हमारी प्रेरणा और भारत का उदय हमारा लक्ष्य', नागपुर में मोहन भागवत ने बताई संघ की विचारधारा

Sat, 25 Apr 2026 09:04 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

नागपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व नेता यशवंतराव केलकर की जयंती पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवकों का मुख्य काम व्यक्ति को बेहतर इंसान बनाना है।
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मोहन भागवत, आरएसएस प्रमुख - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के स्वयंसेवकों के काम और उनके मुख्य लक्ष्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि आरएसएस के स्वयंसेवकों का सबसे पहला और मुख्य काम एक व्यक्ति को बेहतर इंसान बनाना है। शनिवार को नागपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की तरफ से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
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यह कार्यक्रम आरएसएस और एबीवीपी के पूर्व नेता यशवंतराव केलकर की जयंती के मौके पर रखा गया था। इसी खास अवसर पर मोहन भागवत ने अपने विचार लोगों के सामने रखे। उन्होंने संघ और उससे जुड़े सभी संगठनों के काम करने के तरीके और उनकी मूल भावना के बारे में विस्तार से बात की। इसी दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वयंसेवक सिर्फ समाज में बाहर का काम नहीं करते, बल्कि वह लोगों के चरित्र निर्माण पर भी पूरा जोर देते हैं।

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बताई आरएसएस और एबीवीपी की विचारधारा
इस कार्यक्रम में बोलते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विचारधारा के मुद्दे पर अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि एबीवीपी और आरएसएस से जुड़े हुए जितने भी संगठन हैं, वे सभी एक ही विचारधारा के आधार पर काम करते हैं। उन्होंने साफ कहा कि हम सभी की विचारधारा पूरी तरह से देशभक्ति की भावना से प्रेरित है। देशभक्ति ही वह असली ताकत है जो इन संगठनों को लगातार समाज के बीच काम करने की प्रेरणा देती है। 

स्वयंसेवकों का सबसे बड़ा लक्ष्य क्या?
देशभक्ति के साथ-साथ मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों के सबसे बड़े और मुख्य लक्ष्य के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि हम सभी का सिर्फ एक ही लक्ष्य है और वह है भारत का उदय। देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना और दुनिया में उसका मान बढ़ाना ही इस काम का मकसद है। इसी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर एक स्वयंसेवक का फर्ज है कि वह समाज के लोगों को एक बेहतर और अच्छा इंसान बनाने की दिशा में काम करे। 
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यशवंतराव केलकर कौन थे और उनकी क्या भूमिका?
अपने भाषण के दौरान मोहन भागवत ने यशवंतराव केलकर को भी याद किया। उन्होंने बताया कि यशवंतराव केलकर आरएसएस और एबीवीपी के एक बहुत बड़े और समर्पित नेता थे। संघ प्रमुख ने कहा कि यशवंतराव केलकर का जीवन और उनका काम मेरे लिए और देश भर के सभी स्वयंसेवकों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है। उन्हीं के दिखाए रास्ते पर चलकर संगठन आज भी समाज में बेहतर इंसान गढ़ने का काम लगातार कर रहा है।

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