बंगाल में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने पुलिसकर्मियों की दखलअंदाजी पर कड़ा ऐतराज जताया। साथ ही, उन्होंने राजनीतिक हिंसा में शामिल तत्वों को कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। शाह ने और क्या-क्या कहा? खबर में जानिए...
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक पारा पूरी तरह चढ़ चुका है। 25 अप्रैल, 2026 को पूर्व बर्धमान जिले के जमालपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बेहद आक्रामक तेवर में नजर आए। अमित शाह जब मंच से अपना संबोधन दे रहे थे, तभी वहां तैनात राज्य पुलिस के कर्मियों की किसी गतिविधि पर उनकी नजर पड़ी। शाह ने अपना भाषण रोककर सीधे पुलिसकर्मियों को पीछे हटने का आदेश दिया।
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रैली के बीच अचानक क्यों भड़के गृह मंत्री?
अमित शाह मंच से भाजपा के पक्ष में माहौल बना रहे थे। तभी मंच के करीब तैनात पश्चिम बंगाल पुलिस कर्मी कुछ ऐसी हरकत करने लगे जिससे भाषण में व्यवधान पैदा हुआ। शाह को लगा कि पुलिस की इन गतिविधियों से न केवल व्यवस्था बिगड़ रही है, बल्कि जनता और उनके बीच का संपर्क भी टूट रहा है। नाराजगी जाहिर करते हुए अमित शाह ने माइक पर ही चिल्लाकर कहा, 'अरे ओ भाई...ए पुलिस! इसको वापस खींचो भाई...अरे तुम ओ बंगाल पुलिस जरा वापस जाओ!' गृह मंत्री के इस तेवर को देखकर वहां मौजूद भीड़ ने भी शोर मचाना शुरू कर दिया। अब अमित शाह का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
अमित शाह ने ममता सरकार पर साधा निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा हर चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के समर्थन वाले गुंडे हिंसा करके वोटिंग प्रक्रिया में बाधा डालते हैं। इसलिए हर रैली में मैं इन गुंडों को चेतावनी देता हूं कि अगर उन्होंने वोटिंग प्रक्रिया में रुकावट डालने की कोशिश की, तो उन्हें गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे। शाह ने कहा कि जब भी मैं ऐसी चेतावनी देता हूं, तो मुख्यमंत्री मुझसे नाराज हो जाती हैं। लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि अभी मैं सिर्फ चेतावनी दे रहा हूं। अगर इन गुंडों ने अपनी हरकतें नहीं सुधारीं, तो उनकी जगह जेल में होगी।'
अमित शाह ने कहा कि कुल 20 भारतीय राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री हैं। क्या आपने उनमें से किसी को भी महिलाओं को शाम सा बजे के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह देते हुए सुना है? ममता बनर्जी को शर्म आनी चाहिए कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद, वह पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार बनने के तुरंत बाद, तृणमूल कांग्रेस के नेताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।