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Bihar: राहुल गांधी ने बिहार की जातिगत जनगणना को बताया फर्जी, संविधान सुरक्षा सम्मेलन में BJP-RSS पर लगाए आरोप

Sat, 18 Jan 2025 03:44 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बिहार की राजधानी पटना में 'संविधान सुरक्षा सम्मेलन' को संबोधित किया है। इस दौरान उन्होंने भाजपा और आरएसएरस  पर निशाना साधा है। उन्होंने इस दौरान बिहार की जातिगत जनगणना को फर्जी बताया है।
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भाजपा-RSS पर बरसे राहुल गांधी - फोटो : X / @RahulGandhi
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विस्तार
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पटना में 'संविधान सुरक्षा सम्मेलन' में बोलते हुए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'देश की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जातिगत जनगणना होनी चाहिए। यह बिहार में की गई फर्जी जातिगत जनगणना जैसी नहीं होगी, जातिगत जनगणना के आधार पर नीति बनाई जानी चाहिए, कांग्रेस जातिगत जनगणना को लोकसभा और राज्यसभा में पारित करेगी। हम 50% आरक्षण की बाधा को ध्वस्त कर देंगे'।
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'भारत की सारी संपत्ति सिर्फ दो से तीन लोगों के हाथ में'
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा, 'इस किताब (भारत के संविधान) में कहां लिखा है कि भारत की सारी संपत्ति सिर्फ दो से तीन लोगों के हाथ में चली जानी चाहिए, आज के भारत में विधायकों और सांसदों के पास कोई ताकत नहीं है। जब मैं पिछड़े समुदाय, दलितों, आदिवासियों से ताल्लुक रखने वाले भाजपा सांसदों से मिलता हूं तो वे कहते हैं कि हमें पिंजरे में डाल दिया गया है।'
'उन्होंने अपने लोगों को हर संगठन में रखा है'
राहुल गांधी ने, 'जब उन्हें पता चला कि पिछड़े समुदाय, दलितों के लोग प्रतिनिधित्व ले रहे हैं, तो उन्होंने आपको प्रतिनिधित्व दिया लेकिन सत्ता छीन ली। सत्ता अंबानी, अडानी और आरएसएस को दे दी गई है। उन्होंने अपने लोगों को हर संगठन में रखा है'।
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर हमला
राहुल गांधी ने आगे कहा, 'हम चाहते थे कि जैसे गंगा का पानी हर जगह बहता है, वैसे ही संविधान की विचारधारा भी देश के हर व्यक्ति, हर संस्था तक पहुंचे। कुछ दिन पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी नहीं मिली थी। अगर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कह रहे हैं कि भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी नहीं मिली, तो वह भारत के संविधान को खारिज कर रहे हैं...वह (आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत) भारत की हर संस्था से डॉ. बीआर अंबेडकर, भगवान बुद्ध, महात्मा गांधी की विचारधारा को मिटा रहे हैं'।
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