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डेयरी बिजनेस में उतरेंगे रामदेव, विदेशी सांड़ों के सीमेन का करेंगे आयात

Sat, 15 Oct 2016 11:33 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटोः योग गुरु रामदेव - फोटो : अमर उजाला
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योग गुरु रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद प्राइवेट लिमिटेड अपने 'स्वदेशी ब्रैंड' को जोर शोर से उछालती है और मार्केटिंग के इस तरीके ने पतंजलि को पॉपुलर कंज्यूमर ब्रैंड बना दिया। 
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प्राचीन आयुर्वेद विद्या और राष्ट्रवाद के तिलिस्म में लिपटे उत्पादों के दम पर पतंजलि ने देश के घर-घर में अपनी पैठ बना ली और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कंज्यमूर मार्केट बना लिया। 

नूडल्स से लेकर शैंपू तक बेच रही पतंजलि ने मार्केट में प्रतिस्पर्धा को बढ़ा दिया है और यूनिलीवर पीएलसी और नेस्ले को कड़ी टक्कर दे रही है। 

पिछले साल वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक इंटरव्यू में योग गुरु रामदेव ने विदेशी कंपनियों की आलोचना करते हुए कहा था कि 'ये कंपनियां केमिकल और आर्टिफिशियल फ्लेवर्स से बने प्रोडक्ट बेचकर भारतीयों को मूर्ख बनाती हैं।'
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पतंजलि अब स्वदेशी 'जीन्स' के आइडिया पर काम कर रही है और जल्द ही इसे मार्केट में लाने की योजना है। हालांकि इस 'स्वदेशी जीन्स' के मूल में एक ट्विस्ट है। बिजनेस दर्शन नहीं है, तो यह आइडियोलॉजी से चलता भी नहीं है और बाबा रामदेव को यह बात समझ आ गई है। 
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क्रॉस ब्रीडिंग के लिए आयात करेंगे सीमेन

- फोटो : अमर उजाला
भारतीय दुधारू पशुओं का डेयरी उत्पादन कम है और इसलिए रामदेव ने भारतीय सांड़ों की नस्ल को सुधारने और क्रॉस ब्रीडिंग के लिए डच बॉयोलॉजिकल कंपनी से उच्च प्रोडक्टिविटी के सीमेन आयात करने की तैयारी की है। 

पतंजलि अरनहेम (Arnhem) स्थित फर्म सीआरवी बीवी (CRV BV) से डील करने की तैयारी में है। ब्लूमबर्ग कॉरपोरेट लिस्टिंग के अनुसार सीआरवी बीवी सीमेन और भ्रूण के विकास, उत्पादन और जेनेटिक उत्पादों की बिक्री के क्षेत्र में काम करती है। 

इस डील के बारे में पूछे गए सवालों पर पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने कोई टिप्पणी नहीं की, पतंजलि इस साल डेयरी बिजनेस फील्ड में उतरने वाली है। 

एक अधिकारी ने कहा कि पिछले महीने रामदेव ने करनाल के नेशनल डेयरी रिसर्च के दो दिवसीय वर्कशॉप में हिस्सा लिया था।

भारत दूध का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, वैश्विक स्तर पर भारत का दूध उत्पादन 18.5 प्रतिशत है। पतंजलि का लक्ष्य क्रास ब्रीडिंग के जरिए मवेशियों की नस्ल को सुधारना है, ऐसे में पतंजलि का देसी घी या पाश्चयुरित बटर उत्पाद स्वदेशी नहीं रह जाएंगे। 
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