बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने पर लंबी चुप्पी के बाद 29 मई को एकाएक मुखर हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राजद नेता तेजस्वी यादव के सियासी तंज कसे जाने से ये मुद्दा गरमा गया है। इस मुद्दे पर अब लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान भी नीतिश के साथ खड़े हो गए हैं।
शाह से मुलाकात में पासवान ने उठाई राज्य के लिए ये मांग
रविवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात में पासवान ने भी विशेष राज्य के दर्जे का मुद्दा उठाया। साथ ही उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए बदलाव और पदोन्नति में आरक्षण लागू करने के लिए तत्काल अध्यादेश लाए जाने की जरूरत भी शाह को बताई।
शाह से मुलाकात के बाद पासवान ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग झारखंड निर्माण के समय से चल रही है। खनिज संपदा वाले झारखंड के अलग राज्य बनने से बिहार को हो रहे नुकसान को पूरा करने के लिए तभी इसका वादा किया गया था। ऐसे में अब विशेष राज्य का दर्जा संबंधी मांग को पूरा करना जरूरी है। बता दें कि झारखंड का निर्माण वर्ष 2000 में भाजपा के ही नेतृत्व वाली तत्कालीन केंद्र सरकार ने किया था।
एससी-एसटी एक्ट, पदोन्नति में आरक्षण मामले में भी आए अध्यादेश
पासवान ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट और पदोन्नति में आरक्षण मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रख दिया है, लेकिन शीर्ष अदालत में छुट्टी होने से इसका हल नहीं निकल पाया है। ऐसे में सरकार को इसे तत्काल अध्यादेश जारी कर हल कर देना चाहिए।