इसी साल जुलाई महीने में बीजू जनता दल के राज्यसभा प्रसन्न आचार्य गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री से सदन में इसी से जुड़े तीन सवाल पूछे थे:
- भारत के राष्ट्रीय पशु, पक्षी और पुष्प कौन से हैं?
- क्या इस संबंध में भारत सरकार या किसी अन्य सक्षम प्राधिकरण द्वारा कोई अधिसूचना जारी की गई है?
- यदि हां, तो अधिसूचना का ब्योरा क्या है?
- यदि नहीं, तो यूजीसी, एनसीईआरटी और भारत सरकार पोर्टल किस प्रावधान के अन्तर्गत राष्ट्रीय पशु, राष्ट्रीय पक्षी और राष्ट्रीय पुष्प के नाम प्रकाशित कर रहे हैं?
इसके जवाब में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने ये कहा, 'पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 'बाघ' और 'मोर' को क्रमश: राष्ट्रीय पशु और राष्ट्रीय पक्षी के रूप में अधिसूचित किया गया है लेकिन राष्ट्रीय पुष्प के संबंध में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। राष्ट्रीय पुष्प के बारे में संबंधित संगठनों से जानकारी एकत्रित की जा रही है और सदन के पटल पर रख दी जाएगी।
साल 2017 में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आरटीआई एक्टिविस्ट और छात्रा ऐश्वर्या पराशर ने पर्यावरण और वन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले बोटैनिकल सर्वे ऑफ इंडिया से पूछा था कि क्या कमल को भारत का राष्ट्रीय पुष्प घोषित किया गया है? इसके जवाब में उन्हें बताया गया था कि बोटैनिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा कभी कमल को भारत का राष्ट्रीय पुष्प नहीं घोषित किया गया।
वहीं भारत सरकार से जुड़ी वेबसाइट knowindia.gov.in पर कमल को भारत का राष्ट्रीय पुष्प बताया गया है। स्कूली किताबों में भी कमल को ही भारत का राष्ट्रीय पुष्प बताया गया है।