गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा है कि केंद्र की तरफ से जब लॉकडाउन में ढील के बाद हवाईअड्डे खुलेंगे, तब बिना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के किसी भी यात्री का राज्य में प्रवेश नहीं होगा। राणे ने कहा कि उन्होंने पहले ही मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से आग्रह किया था कि वे केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सामने इस बात को उठाएं कि बिना कोविड -19 प्रमाणपत्र के यात्रियों को राज्य में प्रवेश न करने दें। नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस बात के बारे में एयरलाइंस को सूचित कर सकता है।
राणे ने कहा, हर राज्य के पास कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए अपने खुद के नियमों को लागू करने की शक्तियां हैं। अगर गोवा में सभी कोविड-19 रोगियों को संक्रमण से ठीक किया जाता है, तब भी अधिकारी आराम नहीं करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इंडस्ट्रियल इस्टेट्स और राज्य की सीमाओं पर 10 रैपिड परीक्षण बूथ लगाए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भले ही राज्य में कोविड-19 के पॉजिटिव मामलों की संख्या शून्य हो जाए, लेकिन चुनौती खत्म नहीं होगी। महामारी अधिनियम के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, हम सार्वजनिक स्थानों पर मास्क अनिवार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि गोवा नए मामलों का पता नहीं लगा सकता है, लेकिन इस छोटे अंतराल को टेस्टिंग की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। राणे ने आगे कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य सचिव को कोविड-19 की अनियमित परीक्षण के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए।