कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर जल्द शुरू होगा
कलपक्कम में 500 मेगावॉट बिजली वाला ‘प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ शुरू होने के चरण में है। परियोजना के पूरा होने का संशोधित लक्ष्य अक्तूबर 2022 रखा है। परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, यह परियोजना वर्ष 2003 में 3,492 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत की थी, जो बाद में बढ़कर 5,667 करोड़ हो गई।
अब सरकार ने 2021 में परियोजना पूरी होने की संशोधित लागत 6,840 करोड़ स्वीकृत की है। कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की तीन और चार इकाइयों वाली परियोजना ने नवंबर 2021 तक 54.96 फीसदी भौतिक प्रगति हासिल कर ली है।
विरोध कर रहे विपक्षी सदस्य ओमिक्रॉन : शुक्ला
भाजपा सांसद शिव प्रताप शुक्ला ने राज्यसभा में विरोध कर रहे विपक्षी सदस्यों की तुलना ओमिक्रॉन से करते हुए इन्हें लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। साथ ही नए स्वरूप से बचने के लिए इन सदस्यों को ‘मोदी वैक्सीन’ लगवाने की भी सलाह दी। ओमिक्रॉन पर निगरानी के लिए सरकार के उठाए कदमों की जानकारी देते हुए शुक्ला ने कहा, विपक्षी सदस्य महत्वपूर्ण चर्चा से भाग रहे हैं। वे असल में नहीं चाहते की देश जाने कि सरकार क्या क्या कदम उठा रही है।
शुक्ला ने कहा, कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार ने सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया लेकिन कुछ लोग इस टीके को मोदी टीका या भाजपा का टीका बताते रहे। हालांकि बाद में इन लोगों ने जान बचाने के लिए यही टीका लगवाया। विपक्ष की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, लेकिन हम इस वायरस का क्या करें जो सीट पर बैठने के बजाय वेल में हंगामा कर रहे हैं। शुक्ला के इस बयान पर आरजेडी सदस्य मनोज कुमार झा ने आपत्ति जताई।
कोरोना की दूसरी लहर में घरेलू हिंसा के साढ़े तीन हजार मामले दर्ज हुए
देश में इस साल अप्रैल से जून के बीच घरेलू हिंसा के 3,582 मामले दर्ज हुए। यह वह वक्त था, जब कोरोना की दूसरी लहर चरम पर थी। राज्यसभा में एक जवाब के जरिए महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया, घरेलू हिंसा के मामलों में गिरावट आई है। वर्ष 2020 में अप्रैल से जून के दौरान ऐसे 3,748 मामले सामने आए थे।
उस समय देश महामारी की पहली लहर का सामना कर रहा था। राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा मुहैया कराई जानकारी के हिसाब से अप्रैल 2021 से जून 2021 के बीच घरेलू हिंसा के 3,582 मामले आए, जो बीते वर्ष इस समयावधि के मुकाबले कम हैं।
क्रिप्टोकरेंसी बिल इस सत्र में आना मुश्किल
देश में क्रिप्टोकरेंसी की दिशा और दशा तय करने वाला कानून संसद के मौजूदा सत्र में पेश होना मुश्किल है। इसके निवेशकों को स्थिति स्पष्ट होने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। सूत्रों का कहना है कि ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार इसी मानसून सत्र में क्रिप्टोकरेंसी बिल पर चर्चा करेगी और कानून बनाने पर आगे बढ़ेगी। हालांकि, मौजूदा सत्र 23 दिसंबर को समाप्त हो रहा है और अभी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी है।
लिहाजा सत्र के शेष बचे समय में बिल का पेश होना मुश्किल है। इतना ही नहीं इसे मानसून सत्र में चर्चा के लिए सूचीबद्ध भी नहीं किया गया है। वित्त सचिव टीवी सोमनाथन व अन्य अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि क्रिप्टोकरेंसी को वैध मुद्रा नहीं माना जाएगा और इसे सिर्फ संपत्ति के रूप में निवेश की अनुमति दी जाएगी।
एनआईए की 49 विशेष कोर्ट कर रहीं सुनवाई
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए देशभर में अब तक 49 विशेष अदालतें बनाई जा चुकी हैं। राज्यसभा में दिए एक जवाब में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के तहत दर्ज मामलों पर कार्रवाई राज्य पुलिस और एनआईए करती हैं। साथ ही, गृह राज्यमंत्री ने लोकसभा को एक लिखित जवाब में बताया कि यूएपीए में कोई भी संशोधन फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
पार्सल चोरी में नौ रेलकर्मी गिरफ्तार
केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को बताया कि जनवरी 2016 से नवंबर 2021 के बीच 1106 पार्सल चोरी की घटनाएं सामने आईं हैं। चोरी के आरोप में नौ रेल कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। लोकसभा में रेलमंत्री ने बताया कि रेलवे ने चोरी की घटनाएं रोकने के लिए कई तरह के कदम उठाए हैं। आरपीएफ को भी ट्रेनों में लगातार गस्ती का निर्देश दिया गया है।