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Rajya Sabha: जम्मू-कश्मीर और दिल्ली पुलिस पर गृह मंत्रालय के जवाब; ओडिशा के लिए BPRD के प्रस्ताव पर कही यह बात

Wed, 06 Dec 2023 03:51 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संसद के शीतकालीन सत्र में गृह मंत्रालय से कई तीखे और अहम सवाल पूछे गए। दिल्ली पुलिस, जम्मू कश्मीर और ओडिशा से जुड़े सवालों पर गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने सरकार की तरफ से जवाब दिए। राय ने बीपीआरडी के परामर्श पर भी जबाव दिया।
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गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्रालय से संसद में कई अहम सवाल पूछे गए। शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में सांसदों के सवालों का जवाब दिया। बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद प्रश्नकाल में गृह राज्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर, दिल्ली पुलिस और ओडिशा के लिए बीपीआरडी के प्रस्तावों से जुड़े सवालों के जवाब दिए। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय राज्यसभा के पटल पर रखे गए लिखित उत्तर में बताया कि जम्मू-कश्मीर में अगस्त, 2019 के बाद कितने बदलाव हुए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की तरफ से किए जा रहे प्रयासों को भी गिनाया।
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चार साल में क्या बदला? अनुच्छेद 370 के बाद की परिस्थितियां कैसी?
राय ने कहा कि पांच अगस्त, 2019 से पहले जम्मू-कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के बाद, केंद्र शासित प्रदेश बने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास की गतिविधियां तेज हुई हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मोर्चे पर उल्लेखनीय सुधार हुए हैं। पूरे प्रदेश के शासन में गहन, सकारात्मक और प्रगतिशील बदलाव देखे गए हैं। 

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास की दिशा में उपाय
गृह मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसने पिछले कुछ वर्षों के दौरान सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। गृह राज्यमंत्री राय ने कहा, दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों के जीवन में शांति और समृद्धि आए। हालात सामान्य बनाने के लिए अनुकूल वातावरण बनाकर सामाजिक-आर्थिक विकास और सुशासन के लिए कई पहल की गई है।
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डिजिटल दुनिया की दस्तक से बदल रहा प्रदेश
उन्होंने कहा कि अगस्त, 2029 के बाद से जम्मू-कश्मीर में विभिन्न योजनाओं को 100 प्रतिशत पूरा किया जा रहा है। सरकार पोर्टेबल पानी जैसी जीवन की बुनियादी सुविधाएं आम जनता तक पहुंचा रही है। लोगों को किफायती स्वास्थ्य देखभाल, सड़क कनेक्टिविटी, कमजोर तबके की जनता को वित्तीय सहायता, विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अवसरों की समानता सुनिश्चित कराने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं। नित्यानंद राय ने प्रौद्योगिकी के अभिनव उपयोग पर जोर देते हुए कहा, सरकार ने पिछले चार साल के दौरान डिजिटल परिवर्तन, ई-गवर्नेंस और प्रौद्योगिकी एकीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है।

15 मंत्रालयों की तरफ से 58,477 करोड़ रुपये की परियोजनाएं
गृह मंत्रालय के मुताबिक जी2सी (सरकार से नागरिक तक) ऑनलाइन सेवाओं के लिए आईटी सेक्टर में भी लगातार प्रयास जारी हैं। इनकी मदद से जनता को अब जम्मू-कश्मीर के सरकारी कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से आने की उतनी जरूरत नहीं होती। राय ने कहा, प्रधानमंत्री विकास पैकेज 2015 के तहत 53 परियोजनाओं पर काम हो रहा है। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, कौशल विकास जैसे पहलुओं पर जम्मू-कश्मीर में 15 मंत्रालयों की तरफ से 58,477 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं पर काम हो रहा है। 32 परियोजनाएं पूरी भी हो चुकी हैं।

मेडिकल की पढ़ाई पर जोर, MBBS और नर्सिंग की सीटें बढ़ाई गईं
शिक्षा और चिकित्सा जगत में किए गए प्रयासों पर राय ने कहा, वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में सात नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है। 28 बी.एससी नर्सिंग कॉलेज और 19 बी.एससी पैरामेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ एमबीबीएस की 800 और सीटें जोड़ी गई हैं। अब प्रदेश में कुल 1,300 सीटें हैं। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में 664 पीजी मेडिकल सीटें उपलब्ध हैं, इनमें से 297 पीजी कोर्स की सीट 2019 के बाद जोड़ी गईं। नर्सिंग कॉलेजों में 1,870 सीटें बीएससी नर्सिंग कोर्स में, जबकि 125 एमएससी नर्सिंग सीटें जोड़ी गईं हैं। 25 पन्नों के विस्तृत जवाब में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), जम्मू का शैक्षणिक सत्र चालू हो चुका है। एम्स, कश्मीर में भी काफी तेज गति से काम जारी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 50 नये डिग्री कॉलेज भी स्थापित किए गए हैं।

सड़क और सुरंग बनाने पर भी तेज हुआ काम
भारत के दूसरे प्रदेशों और यहां तक की विदेश से आने वाले पर्यटकों को मिल रहे अलग तरह के अनुभव और जम्मू-कश्मीर में आसानी से पहुंचने की दिशा में हो रहे प्रयास का जिक्र करते हुए गृह राज्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत, पिछले चार वर्षों के दौरान 8,086 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा चुका है। 3,127 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले ट्विन ट्यूब काजीगुंड-बनिहाल सुरंग पर हुए काम के कारण जम्मू से श्रीनगर तक यात्रा करने का औसत समय 8-10 घंटे से घटकर महज 5-6 घंटे रह गया है। घाटी में लॉजिस्टिक लागत कम हो गई है।

ओडिशा में आतंकवाद रोकने के लिए विशेष उपाय, BPRD के प्रस्ताव पर भी मिला जवाब
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में गृह राज्यमंत्री ने बताया, "राज्य पुलिस बल में महिलाओं के लिए एक विशेष कैडर बनाना मुख्य रूप से राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) प्रशासन की जिम्मेदारी है।" उन्होंने कहा, "पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (BPRD) की तरफ से ओडिशा में केंद्रीय जासूस प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव नहीं होने के बावजूद सरकार ने पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए काउंटर इंसर्जेंसी और आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण के लिए स्कूलों की स्थापना की है। नित्यानंद राय ने बताया कि ओडिशा में ऐसे तीन स्कूल स्थापित किए जा चुके हैं।

दिल्ली में अपराध घटने का दावा
दिल्ली पुलिस से जुड़े एक सवाल पर भी गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा के पटल पर लिखित उत्तर पेश किया। उन्होंने कहा, दिल्ली पुलिस ने बताया है कि वर्ष 2023 (15 नवंबर तक) के दौरान स्नैचिंग के 6,958 मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2022 की इसी अवधि में 7,498 मामले दर्ज किए गए थे। इन आंकड़ों के आधार पर साल में क्राइम की दर में 7.20 फीसदी की गिरावट साफ देखी जा सकती है।

दिल्ली पुलिस ने अपराध रोकने के लिए क्या उपाय किए?
गृह मंत्रालय के तहत आने वाली दिल्ली पुलिस की तरफ से अपराध रोकने के लिए की गई पहल के बारे में राय ने बताया, स्नैचिंग के खतरे को रोकने के लिए, दिल्ली पुलिस ने स्नैचिंग के हॉटस्पॉट की पहचान की है। इसके अलावा सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम जैसे उपायों से भी काफी सुधार हुआ है। 
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