सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर सभी चौंका दिया है। अब इस पर कयास लगाए जा रहे है कि 18 से 22 सितंबर के पांच दिवसीय विशेष सत्र में क्या होगा? इस विशेष सत्र को बुलाने के पीछे सरकार की मंशा को लेकर भी तमाम तरह के प्रश्न खड़े किए जा रहे हैं। विपक्ष ने अभी से इसे बौखलाहट में उठाया हुआ कदम करार दिया है।
शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रह्लाद जोशी ने चोरी-चुपके यह निर्णय लेकर ट्वीट किया है, मेरा सवाल है कि देश का एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार गणेश चतुर्थी उस समय मनाया जाएगा। हम जानना चाहते हैं कि यह हिंदू विरोधी काम क्यों हो रहा है? यह फैसला किस आधार पर लिया गया है? क्या यही उनकी 'हिंदुत्ववादी' मानसिकता है?
बिनॉय विश्वम ने कही यह बात
संसद के विशेष सत्र पर CPI सांसद बिनॉय विश्वम ने कहा कि संसद का सत्र चर्चा के लिए होना चाहिए, हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं। ये पांच दिन का बिजनेस नाकाफी है। इससे पता चलता है कि सरकार देश के लोगों के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है। संभवत: यह भाजपा की अपनी पसंद के कुछ मुद्दों पर चर्चा करने की योजना है। विपक्ष के तौर पर हम मणिपुर, महंगाई, बेरोजगारी और दलितों-अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का मुद्दा उठाना चाहेंगे। हम लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। हम चर्चा के लिए समय चाहते हैं। हमें यकीन है कि राजनीतिक वास्तविकता के उभरने के साथ 'INDIA' गठबंधन से भाजपा डरी हुई है।
लोकतंत्र का गला घोंट रही सरकार: आप
संसद के विशेष सत्र पर दिल्ली के मंत्री और AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार किसी से राय-मशवरा नहीं लेती, किसी राजनीतिक दल से बात नहीं करती। केंद्र सरकार इस तरह लोकतंत्र का गला घोंट रही है।
शशि थरूर ने चीन मसले पर घेरा
चीन द्वारा नया 'आधिकारिक नक्शा' जारी करने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उन्होंने (पीएम मोदी) वास्तव में देश को बताया कि चीन ने कोई क्षेत्र नहीं लिया है, लेकिन हम जानते हैं कि पिछले 45 वर्षों में दोनों पक्ष कुछ क्षेत्रों में गश्त करते थे। अब 26 बिंदुओं पर हमारी तरफ से गश्त नहीं हो सकती, क्योंकि चीनियों ने वहां खुद को स्थापित कर लिया है। यह बहुत गंभीर घटनाक्रम है। हम यह 'लाल आंखें' नहीं दिखा रहे हैं। वहां कोई 'लाल आंखें' दिखाई नहीं दे रही हैं, केवल चीन का 'लाल झंडा' है।
ओवैसी ने की चीन के मुद्दे पर चर्चा की मांग
संसद के विशेष सत्र और उसके एजेंडे की अटकलों पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हम चीन द्वारा भारत की 2000 वर्ग किमी जमीन पर कब्जा करने के मुद्दा पर चर्चा करने को लेकर शुरू से ही विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं। चीन डेपसांग और डेमचोक से पीछे नहीं हट रहा है। हमें उम्मीद है कि संसद के विशेष सत्र में पीएम चीन पर चर्चा की अनुमति देंगे।