पुलिस सूत्र ने बताया कि आरोपी मनोरंजन जिस तरह की किताबे वह पढ़ता था, उससे वह एक क्रांतिकारी प्रतीत होता है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि मनोरंजन भगत सिंह को पसंद करता था।
संसद की सुरक्षा तोड़कर दर्शक दीर्घा से लोकसभा में छलांग लगाने वाले दो आरोपियों में एक सोशल मीडिया के पेज भगत सिंह फैन क्लब से जुड़ा था। पुलिस ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि दर्शक दीर्घा से छलांग मारने वाला आरोपी मनोरंजन डी क्रांतिकारी प्रतीत होता है।
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मौसूरु का रहने वाला 33 वर्षीय मनोरंजन लखनऊ के अपने साथी सागर शर्मा के साथ लोकसभा के अंदर नारेबाजी करने के साथ कनस्तर से पीला धुंआ छोड़ा जिससे संसद में अफरा तफरी मच गई। संसद सुरक्षा उल्लंघन की घटना के तुरंत बाद मैसूरु पुलिस हरकत में आई। उन्होंने मनोजंगन की जानकारी हासिल करने मं जुट गए। जांच के दौरान उन्हें मालूम चला कि आरोपी मनोरंजन सोशल मीडिया के पेज भगत सिंह फैन क्लब से जुड़ा था।
आरोपी का आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं
पुलिस सूत्र ने कहा, 'इंजीनियरिंग में स्नातक करने वाले मनोरंजन की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं थी। वह एक शांत स्वभाव का इंसान था, लेकिन जिस तरह की किताबे वह पढ़ता था, उससे वह एक क्रांतिकारी प्रतीत होता है।' एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि मनोरंजन भगत सिंह को पसंद करता था। भगत सिंह वह स्वतंत्र सेनानी थे, जिन्हें अंग्रेजों ने 23 वर्ष की आयु में फांसी दे दी थी।
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अधिकारी ने बताया, 'ऐसा लग रहा था जैसे संवतंत्रता संग्राम के दौरान भगत सिंह और उनके सहयोगियों ने जो किया वह उसे दोहराने की कोशिश कर रहे थे।' दरअसल, आठ अप्रैल 1929 को भगत सिंह और उनके साथियों ने दिल्ली में सेंट्रल असेम्बली में बमबारी की थी।
मनोरंजन ने संसद में प्रवेश के लिए मैसूर कोडगू के सांसद प्रताप सिम्हा से पास प्राप्त किया था। आरोपी मनोरंजन के पिता देवराजे गौड़ा ने कहा कि उसके बेटे ने जो किया वह निंदनीय घटना थी, दोषी पाए जाने पर उसे दंड दिया जाना चाहए। उन्होंने बताया कि वह अपने बेटे मनोरंजन के साथ कई सारी किताबें पढ़ चुके हैं।