फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संसद की सुरक्षा में चूक: चार आरोपियों पर UAPA के तहत मामला क्यों? जानें मुख्य साजिशकर्ता को कहां खोज रही पुलिस

Thu, 14 Dec 2023 06:35 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संसद की सुरक्षा में चूक मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों पर आईपीसी की धाराओं के अलावा आतंकवाद विरोधी कानून (यूएपीए) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने मुताबिक सोशल मडिया के जरिए ये सभी आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में आए थे।
विज्ञापन
संसद की सुरक्षा में चूक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संसद में चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा सदन में बुधवार को एक घटना ने सुरक्षा एजेंसियों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। लोकसभा कार्यवाही के दौरान सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। दर्शक दीर्घा में बैठे दो व्यक्ति ने सभी को उस वक्त चौंका दिया, जब वे अचानक वहां से कूदकर सांसदों के बीच जा पहुंचे। इस दौरान आरोपियों ने जमकर हंगामा किया। बुधवार सदन के भीतर मौजूद दो आरोपियों में से एक आरोपी सासंदों की सीट पर जा पहुंचा। इस घटना को देखकर वहां पर मौजूद सासंदों और सुरक्षा कर्मियों के हाथ पांव फूल गए। हालांकि दो आरोपियों में से एक आरोपी को वहां मौजूद सांसदों और सुरक्षा कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद पकड़ लिया और जमकर धुनाई की। 
विज्ञापन


आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज
संसद की सुरक्षा में चूक मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों पर आईपीसी की धाराओं के अलावा आतंकवाद विरोधी कानून (यूएपीए) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। साथ ही फरार चल रहे ललित झा को पकड़ने के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। बता दें इस अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध गैर जमानती हैं। एक अधिकारी ने कहा कि हालांकि अभी तक की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को किसी आतंकी समूह से संबंध होने का सबूत नहीं मिला है। जांच में दो अन्य लोगों के कृत्य में शामिल होने की जानकारी मिली है।

कौन-कौन हैं ये आरोपी?
संसद की सुरक्षा में सेंध लाने के आरोप में चार गिरफ्तार आरोपियों में सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे, नीलम देवी हैं। इन सभी आरोपियों की देर रात राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिकल जांच की गई। इन सभी आरोपियों पर यूएपीए की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। चारों आरोपियों से सुरक्षा बल के चाणक्यपुरी स्थित कार्यालय में पूछताछ की गई। गौरतलब है कि बुधवार को ही 2001 के संसद आतंकवादी हमले की 22वीं बरसी थी। 
विज्ञापन


पूछताछ के दौरान एक ही जवाब दे रहे सभी आरोपी
मामले की जानकारी देते हुए वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्पेशल सेल की जांच में दो संगठनों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि इसको लेकर भी जांच जारी है। अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान ऐसा लग रहा है जैसे उन्हें पहले से ही तैयार किया गया हो। बता दें बुधवार की घटना के बाद आठ सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने मुताबिक सोशल मडिया पर ये सभी आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में आए थे।

अगले आदेश तक नहीं मिलेगा दर्शन दीर्घा का 'पास'
वहीं बुधवार को ही मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा महासचिव ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया कि अगले आदेश तक दर्शन दीर्घा के लिए कोई भी पास जारी नहीं करने का निर्णय लिया गया है। सूत्रों की मानें तो स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों के निजी सहायकों को पास जारी करने से संबंधित मामले की भी जिम्मेदारी संभाल ली है।

अत्याधुनिक जांच उपकरणों से लैस होगा संसद
घटना के बाद संसद की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जिसके तहत मुख्य द्वार से सिर्फ सांसद ही प्रवेश कर पाएंगे, वहीं अलग द्वार से मीडियाकर्मियों और स्टाफ कर्मियों को प्रवेश की अनुमति होगी। दर्शक दीर्घा में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। दर्शक दीर्घा कांच के शीशा लगाया बंद कर दिया जाएगा, जिससे वहां से किसी भी संदिग्ध के कूदने की गुजाइश नहीं रहेगी। साथ ही एयरपोर्ट की तर्ज पर सुरक्षा को ध्यान में रहते हुए अब संसद भवन में 'बॉडी स्कैन मशीन' को लगाया जाएगा।

क्या है मामला
लोकसभा सदन में बुधवार दोपहर उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब सदन में मौजूद दर्शन दीर्घा से दो व्यक्ति कार्यवाही के दौरान सांसदों के बीच कूद गए। इस दौरान आरोपियों द्वारा कलर स्मॉग सदन के भीतर छोड़ा गया। सांसदों की सीट पर जाकर आरोपी द्वारा हंगामा किया। उस दौरान मौजूद सांसदों, सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जब एक आरोपी की तलाश जारी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें