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संसद की सुरक्षा में सेंध: साजिश रचने वाले आरोपी कौन और सभी कैसे संपर्क में थे? जानें अब जांच समिति क्या करेगी

Wed, 13 Dec 2023 11:13 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Parliament Security Breach: संसद में घुसपैठ करने साजिश रचने वालों में छह लोगों का नाम सामने आया है ये देश के अलग-अलग शहरों से ताल्लुक रखते है। बताया जा रहा है कि ये सभी पिछले चार वर्षों से सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे से संपर्क में थे। उन्होंने घटना को अंजाम देने से पहले रेकी भी की थी।
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सदन में कूदने वालों ने कलर स्मॉग का किया इस्तेमाल। - फोटो : ANI
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विस्तार
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13 दिसंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले की बरसी के दिन संसद में बुधवार को घुसपैठ की साजिश छह आरोपियों ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर साजिश रची। इस घटना की साजिश रचने वालों में छह लोगों का नाम सामने आया है जो देश के अलग-अलग शहरों से ताल्लुक रखते है। बताया जा रहा है कि ये सभी पिछले चार वर्षों से सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे से संपर्क में थे। आरोपियों में पांच लोगों पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं जबकि एक आरोपी फिलहाल फरार है। 

कौन और किस शहर से हैं आरोपी?

मनोरंजन डी, मैसूर, कर्नाटक

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सागर शर्मा, रामनगर, लखनऊ
नीलम, हिसार, हरियाणा
अमोल शिंदे, लातूर, महाराष्ट्र
ललित, अबतक इसके शहर का पता नहीं
विशाल शर्मा, हिसार, हरियाणा

संसद के अंदर और बाहर क्या-क्या हुआ?

आरोपितों से दो मनोरंजन डी और सागर शर्मा सदन की दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए और उन्होंने कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया जिससे सांसदों में के बीच अफतरातफरी मच गई। सांसदों ने आरोपियों को पकड़ा और उनकी पिटाई की। इसके बाद उन्हें सदन में मौजूद मार्शल के हवाले किया गया। वहीं दूसरी ओर उनके साथी नीलम और अमोल शिंदे ने संसद भवन के बाहर कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया और नारेबाजी की। इसके बाद बाहर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।    पुलिस सूत्रों के अनुसार ललित और विशाल शर्मा पर आरोपियों का सहयोग करने का संदेह है। विशाल को हरियाणा के गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया जबकि ललित फिलहाल फरार है।

आरोपियों ने योजना को अंजाम देने से पहले की रेकी?

बताया जा रहा है कि सभी गुरुग्राम के सेक्टर 7 में विशाल शर्मा और उनकी पत्नी राखी के किराए के मकान में रुके थे। अब तक की जानकारी के अनुसार कर्नाटक के मैसूर के रहने वाले मनोरंजन डी ने 2016 में बीई (बैचलर इन इंजीनियरिंग) पूरा किया था और खेती करता था। उसके परिवार ने बताया कि उसने दिल्ली और बेंगलुरु में कुछ कंपनियों में भी काम किया। कहा जा रहा है कि उसने भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के कार्यालय से लोकसभा में प्रवेश के लिए अधिकृत पास प्राप्त किया और उत्तर प्रदेश के रहने वाले सागर शर्मा को अपना दोस्त बताया। परिवार वालों के अनुसार सागर शर्मा (28) कुछ दिन पहले लखनऊ के रामनगर स्थित अपने घर से दिल्ली में एक 'विरोध प्रदर्शन' में शामिल होने के लिए निकला था। हालांकि, उनके परिवार ने कहा कि उन्हें संसद की सुरक्षा में चूक में उनकी संलिप्तता के बारे में जानकारी नहीं थी।

पुलिस बोली- संसद की सुरक्षा में सेंध एक सुनियोजित घटना थी

पुलिस ने बताया कि 25 वर्षीय शिंदे महाराष्ट्र के लातूर जिले में स्थित अपने गांव से यह कहकर निकला था कि वह सेना भर्ती अभियान में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली जा रहा है। शिंदे ने हरियाणा की नीलम के साथ संसद के बाहर 'तानाशाही नहीं चलेगी', 'भारत माता की जय' और 'जय भीम, जय भारत' के नारे लगाए। पुलिस सूत्रों ने कहा कि संसद की सुरक्षा में सेंध एक सुनियोजित घटना थी, जिसे छह लोगों ने अंजाम दिया, ये सभी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर एक-दूसरे के संपर्क में थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने कुछ दिन पहले योजना बनाई और बुधवार को संसद आने से पहले उन्होंने रेकी की। उन्होंने कहा, "उनमें से पांच संसद में आने से पहले गुरुग्राम में विशाल के आवास पर रुके थे। योजना के अनुसार, सभी छह लोग संसद के अंदर जाना चाहते थे, लेकिन केवल दो को पास मिले।"

सोशल मीडिया जरिए चार साल से जुड़े थे आरोपित

शिंदे से पूछताछ में पता चला कि छह आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से पिछले चार साल से एक-दूसरे को जानते थे। एक अधिकारी ने कहा कि विशाल शर्मा पहले एक निर्यात कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम करता था, लेकिन बाद में उसने ऑटोरिक्शा भी चलाया। जानकारी के अनुसार सागर शर्मा अक्सर विशाल शर्मा के घर आता-जाता था और वे लंबे समय से संपर्क में थे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विशाल शर्मा की आपराधिक पृष्ठभूमि है। अधिकारी ने कहा कि विशाल और नीलम हिसार जिले के रहने वाले हैं। वहीं छठे और अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर आरोपी ललित के बारे में अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।

सीआरपीएफ के महानिदेशक के नेतृत्व में जांच के आदेश

लोकसभा सचिवालय के अनुरोध पर गृह मंत्रालय ने संसद की सुरक्षा में हुई चूक की घटना की जांच सीआरपीएफ के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह के नेतृत्व में कराने का आदेश दिया है। गृह मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, जांच समिति में अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य और विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। समिति सुरक्षा में सेंध के कारणों की जांच करेगी। इसके अलावा समिति खामियों का पता लगाएगी और आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी। समिति जल्द से जल्द संसद में सुरक्षा में सुधार के सुझावों सहित सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

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