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Broadcasting Bill: प्रसारण विधेयक जल्द लाने की पैरवी; निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली समिति ने दिया सुझाव

Fri, 14 Mar 2025 08:35 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संसद की एक स्थायी समिति ने सरकार से प्रसारण सेवा (विनियमन) विधेयक को जल्द से जल्द संसद में पेश करने की समयसीमा तय करने की सिफारिश की है। यह बिल पिछले साल विवाद के चलते टाल दिया गया था।
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संसद भवन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संसद की एक समिति ने सरकार से प्रसारण सेवा (विनियमन) विधेयक को संसद में पेश करने के लिए एक समयसीमा तय करने की सिफारिश की है। इस विधेयक के कुछ प्रावधानों को लेकर विरोध होने के बाद पिछले साल इसे स्थगित कर दिया गया था।
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निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली समिति का सुझाव
भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति का सुझाव ऐसे समय आया है जब सरकार एक से चार मई तक मुंबई में विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) में कंटेट क्रिऐटर्स की रचनाओं का जश्न मनाने की योजना बना रही है। समिति ने इस हफ्ते की शुरुआत में लोकसभा में पेश अपनी छठी रिपोर्ट में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय से संपूर्ण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक समय सीमा तय करने और प्रसारण सेवा (विनियमन) विधेयक को जल्द से जल्द संसद में पेश करने के लिए कहा है।

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सुप्रीम कोर्ट ने OTT को लेकर सरकार को कही थी ये बात
यह सुझाव ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडी शो इंडियाज गॉट लैटेंट पर विवादित टिप्पणियों के लिए यूट्यूबर रणवीर अल्लाहाबादिया से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए सरकार से ओटीटी विनियमन के बारे में कुछ करने के लिए कहा है। मंत्रालय ने 17 जनवरी को समिति को सूचित किया था कि हितधारकों के साथ परामर्श पूरा करने के बाद विधेयक का एक नया मसौदा तैयार किया जाएगा और अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए भेजा जाएगा।
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इस मामले में सरकार ने समिति को बताया है कि 15 अक्तूबर 2024 तक हितधारकों से परामर्श जारी रहेगा। इसके बाद नया ड्राफ्ट तैयार होगा और अंतर-मंत्रालयी विचार-विमर्श के लिए भेजा जाएगा। फिर कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद बिल को संसद में पेश किया जाएगा। इस दौरान समिति ने जोर देकर कहा कि बिल को जल्द से जल्द लागू करना जरूरी है और सरकार को इसके बारे में समिति को नियमित रूप से जानकारी देनी चाहिए।

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