संसद का शीतकालीन सत्र के दौरान लोक सभा की कार्यवाही (फाइल)
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लोकसभा की विशेषाधिकार समिति तीन कांग्रेस सदस्यों को सदन से निलंबित करने के मुद्दे पर विचार करेगी। अगले सप्ताह आहूत बैठक में सांसदों के निलंबन पर अहम फैसला होने की उम्मीद है। भाजपा सांसद सुनील कुमार सिंह पैनल की अध्यक्षता कर रहे हैं। 12 जनवरी को समिति की बैठक में तीन कांग्रेस सांसदों- के जयकुमार, अब्दुल खालिक और विजयकुमार विजय वसंत के बयान दर्ज किए जाएंगे। बीते 18 दिसंबर को संसद में अशोभनीय आचरण के आरोप में तीनों को स्पीकर ओम बिरला ने निलंबित कर दिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक 12 जनवरी की बैठक के दौरान 'सदन में गंभीर अव्यवस्था' पैदा करने के आरोपी तीनों कांग्रेस सांसदों को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के समक्ष मौखिक साक्ष्य दर्ज कराने होंगे। बता दें कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान 100 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। निलंबित किए गए सांसद, 13 दिसंबर के दिन संसद की सुरक्षा में चूक मामले पर गृह मंत्री अमित शाह या प्रधानमंत्री मोदी से सदन में बयान की मांग कर रहे थे।
स्पीकर ओम बिरला ने तख्तियां लेकर सदन में आने और वेल में घुसकर नारेबाजी पर नाराजगी प्रकट की। गतिरोध खत्म न होने पर दो दिनों में कुल 100 सांसदों को निलंबित कर दिया गया। स्पीकर की तरफ से लिए गए सख्त एक्शन के मुताबिक 97 सदस्य पूरे शीतकालीन सत्र से निलंबित किए गए, जबकि के जयकुमार, अब्दुल खालिक और विजयकुमार विजय वसंत का मामला विशेषाधिकार समिति को भेजा गया। तीनों पर पीठासीन अधिकारी की कुर्सी तक पहुंचने का आरोप है। कार्रवाई के मुताबिक तीनों सदस्यों का निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक समिति अपनी रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर को नहीं सौंप देती।
राज्यसभा से भी 46 सांसदों का निलंबन
गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा से भी 46 सदस्यों को निलंबित किया गया था। इनमें 11 सदस्यों का मामला उच्च सदन की विशेषाधिकार समिति को भेजा गया है। इस समिति की अध्यक्षता उपसभापति हरिवंश के पास है। निलंबन मामले पर राज्यसभा की समिति की बैठक अभी बाकी है। इस विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक, विपक्षी पार्टी के सांसदों- जेबी माथेर हिशाम, एल हनुमंथैया, नीरज डांगी, राजमणि पटेल, कुमार केतकर, जी सी चन्द्रशेखर (सभी कांग्रेस); बिनॉय विश्वम और संदोश कुमार पी. (दोनों सीपीआई), एम मोहम्मद अब्दुल्ला (डीएमके), जॉन ब्रिटास और ए ए रहीम (दोनों सीपीआई-एम) को निलंबित किया गया है।