कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि सरकार ने किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली को मजबूत करने के तरीकों पर गौर करने के लिए एक समिति का गठन किया है।
मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, "विविधीकरण, प्राकृतिक खेती और एमएसपी के संबंध में एक समिति का गठन किया गया है।" इसमें किसान प्रतिनिधि, राज्य सरकार के प्रतिनिधि और केंद्र सरकार के अधिकारी शामिल हैं।
समिति की सिफारिशों पर विचार करेगी सरकार
मंत्री ने कहा, "समिति एसएसपी प्रणाली को मजबूत करने के तरीकों पर गौर करेगी और यह देखेगी कि किसान समर्थन मूल्य तंत्र से कैसे लाभ उठा सकते हैं।" उन्होंने कहा कि सरकार समिति की सिफारिशों पर विचार करेगी।
दरअसल, डीएसके के सांसद तिरुचि शिवा ने सवाल किया था कि क्या सरकार की किसानों की उत्पादन लागत में एमएसपी को 200 प्रतिशत तक बढ़ाने की कोई योजना है? चौधरी उनके सवाल का जवाब दे रहे थे। समिति के अध्यक्ष पूर्व कृषि सचिव संजय अग्रवाल हैं।
साल दर साल बढ़ रहा कृषि के लिए बजटीय आवंटन
टीआरएस के सांसद केआर सुरेश रेड्डी के अलग सवाल का जवाब देते हुए चौधरी ने कहा कि कृषि के लिए बजटीय आवंटन साल दर साल बढ़ रहा है और पहले ही 1.32 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को छू चुका है। मंत्री ने कहा कि कृषि बजट, जो 2013-14 में 27,000 करोड़ रुपये था, अब 1.32 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
कृषि क्षेत्र में निधि आवंटन मामले में शीर्ष दस देशों में शामिल भारत
उन्होंने कहा कि भारत, कृषि क्षेत्र को निधि आवंटन के मामले में शीर्ष दस देशों में शामिल है। चौधरी ने सदन को यह भी बताया कि तेलंगाना को 2021-22 में कृषि अवसंरचना कोष (एग्रीकल्चरल इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड) के हिस्से के रूप में 15,985 करोड़ रुपये मिले।
8 अगस्त को एम.वेंकैया नायडू को विदाई देगा सदन
उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों को बताया कि सदन 8 अगस्त को एम.वेंकैया नायडू को विदाई देगा। उन्होंने बताया, "उस दिन शून्यकाल नहीं होगा ताकि पार्टियों के नेता और अन्य लोग विदाई भाषण दे सकें।" राज्यसभा के सभापति नायडू का 10 अगस्त को कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
रेलमंत्री ने विपक्ष पर किया कटाक्ष, बोले- कुछ केवल घोषणाएं करतें हैं.....
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ सदस्य केवल घोषणाएं करते हैं जबकि अन्य वास्तविक काम करते हैं।
प्रश्नकाल के दौरान सवालों के जवाब में उन्होंने पश्चिम बंगाल के सांसदों से राज्य सरकार पर लंबित रेलवे परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया।
रेलमंत्री का दावा- पश्चिम बंगाल में रोक दी गई 30 परियोजनाएं
अश्विनी वैष्णव टीएमसी की सांसद शांता छेत्री के एक सवाल जवाब दे रहे थे। रेलमंत्री ने दावा किया कि 2021 में पश्चिम बंगाल में 30 रेलवे परियोजनाओं रोक दिया गया है और राज्य को इस साल नई लाइनों की परियोजनाओं के लिए केवल 1,000 करोड़ रुपये मिले हैं।
टीएमसी सदस्यों के हंगामे के बीच वैष्णव ने इस दावे का समर्थन करने के लिए आंकड़े प्रदान करने की बात कही और कहा, "कुछ लोग केवल घोषणाएं करते हैं और कुछ केवल काम करते हैं, यह एक बड़ा अंतर है"।
केंद्रीय रेल मंत्री ने सदन को बताया कि विकास के लिए देशभर में 1253 रेलवे स्टेशनों की पहचान की गई है, जिनमें से अबतक 1215 स्टेशनों को विकसित किया जा चुका है और शेष स्टेशनों को 2022-23 तक आदर्श स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जाना है। रेलमंत्री ने भाजपा सांसद नरहरि अमीन के एक प्रश्न का लिखित उत्तर देते हुए यह घोषणा की।
उनसे सवाल किया गया था कि क्या देश के रेलवे स्टेशनों का सौंदर्यीकरण सरकार द्वारा किया जा रहा है? वैष्णव ने बताया, "रेल मंत्रालय ने भारतीय स्टेशनों के उन्नयन और सौंदर्यीकरण के लिए मॉडल, आधुनिक और आदर्श रेलवे स्टेशन योजना जैसी विभिन्न योजनाएं तैयार की हैं।