लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ओम बिड़ला ने 1999 में करगिल युद्ध के दौरान शहीद होने वाले सैनिकों को नमन किया और श्रृद्धांजलि दी। बिड़ला ने इस युद्ध के नायकों के परिजनों के प्रतिभी आभार जताया। इस दौरान संसद के सदस्यों ने शहीदों के सम्मान में मौन रखा। इसके साथ ही ओम बिड़ला ने मीराबाई चानू को टोक्यो ओलंपिक में देश को पहला रजत पदक दिलाने पर बधाई दी। हालांकि, कुछ देर बाद ही विपक्षी दल वेल के आस-पास एकत्र होने लगे और कार्यवाही में बाधा पहुंचाते हुए नारेबाजी करने लगे।
विपक्षी सदस्यों ने पेगासस जासूसी विवाद को प्रमुख मुद्दा बनाया को इसके साथ ही प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन में भी नारेबाजी की और तख्तियां दिखाईं। कुछ विपक्षी सदस्यों ने सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी की मांग की और पेगासस विवाद को लेकर 'मोदी सरकार जवाब दो' जैसे नारे लगाए। इस पर बिड़ला ने कहा, 'सरकार जवाब देना चाहती है। आप उत्तर चाहते हैं तो अपनी सीट पर जाएं। लोगों ने आपको अपने मुद्दे उठाने के लिए चुना है, आप नारे लगा रहे हैं। यह सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाता है।'
इस दौरान कई बार लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित किया गया। तीन बजे जब कार्यवाही शुरू हुई तो लोकसभा ने फैक्टरिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक,2020 और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, उद्यमिता एवं प्रबंधन विधेयक 2021 को अलग-अलग देखा। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के चलते दोनों विधेयकों पर चर्चा नहीं हो सकी। विपक्षी सदस्य पेगासस विवाद और किसानों के मुद्दे पर चर्चा करने की मांग कर रहे थे। जिसके बाद सदन कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहीं रमा देवी ने दोनों विधेयकों को पारित कर दिया।
स्पीकर से मिले शाह, शशि थरूर ने सरकार पर उठाए सवाल
इसके बाद संसद की कार्यवाही में बाधा को लेकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह, प्रल्हाद जोशी और धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाकात की। वहीं, सूचना एवं प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के चेयरमैन शशि थरूर ने कहा कि सरकार ने इस सप्ताह के अपने एजेंडा में पेगासस का उल्लेख नहीं किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इसके साथ ही वह लोकसभा में कोरोना महामारी प्रबंधन, टीकाकरण नीति और पेट्रोल व डीजल के दामों में लगातार आ रही तेजी जैसे मुद्दों पर भी बात नहीं करना चाहते हैं।
लोकसभा: दिवाला कानून में संशोधन के लिए विधेयक पेश हुआ
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दिवाला कानून में संशोधन करने वाले अध्यादेश को बदलने हेतु एक विधेयक पेश किया। दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) में संशोधन के लिए अध्यादेश 4 अप्रैल को प्रवर्तित किया गया था। इसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए एक समाधान प्रक्रिया पेश की गई थी। इसके तहत मुख्य हितधारक संभावित खरीदार की पहचान के लिए एक साथ आते हैं और राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण से संपर्क से पहले एक समाधान योजना पर बातचीत करते हैं।
संकट से निपटने के लिए नोट छापने की योजना नहीं: वित्त मंत्री
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते वर्तमान आर्थिक संकट से निपटने के लिए सरकार की करेंसी नोट छापने की कोई योजना नहीं है। इस सवाल पर कि क्या संकट से उबरने के लिए करेंसी नोट छापने की कोई योजना बनाई जा रही है, निर्मला सीतारमण ने जवाब में इससे साफ इनकार कर दिया। कई अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों ने केंद्र सरकार को सलाह दी है कि देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए और नौकरियां बचाने के लिए करेंसी नोट की अधिक छपाई का सहारा लिया जाना चाहिए।
उच्च शिक्षा आयोग के गठन पर काम कर रहा है शिक्षा मंत्रालय
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा को बताया कि मंत्रालय भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (एचईसीआई) की स्थापना के लिए विधेयक का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में है। उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि शिक्षा मंत्रालय ने 29 जुलाई 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की थी। भारतीय उच्च शिक्षा आयोग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) व राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) जैसे स्वायत्त निकायों की जगह लेने की परिकल्पना करता है।
आईआईटी मद्रास का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं: प्रधान
प्रधान ने एक सवाल के लिखित जवाब में लोकसभा को बताया कि आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) मद्रास का नाम बदलकर आईआईटी चेन्नई करने की सरकार की कोई योजना नहीं है, हम ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया, 'केंद्र सरकार ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है जिसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के नाम में संशोधन करने की बात हो।' उल्लेखनीय है कि साल 1966 में तमिलनाडु सरकार ने मद्रास शहर का नाम बदलकर चेन्नई करने का फैसला किया था।