भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद समिक भट्टाचार्य ने बुधवार को राज्यसभा में दिल्ली विधानसभा चुनावों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के चुनाव में हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई। पश्चिम बंगाल से सांसद भट्टाचार्य ने इस दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर भी निशाना साधा।
रेल मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल में रेलवे की कई परियोजनाएं लंबित पड़ी हैं, जिसकी मुख्य वजह जमीन अधिग्रहण में अड़चनें हैं। भाजपा सांसद ने कहा, पश्चिम बंगाल में 43 रेलवे परियोजनाएं जमीन अधिग्रहण के कारण रुकी पड़ी हैं। सरकार को जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करना चाहिए और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को हल करना चाहिए। इस दौरान टीएमसी के सांसदों ने विरोध किया, लेकिन भट्टाचार्य ने अपनी बात जारी रखी। भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा का भी जिक्र किया, जिसके बाद टीएमसी के सांसद और अधिक भड़क गए।
उन्होंने कहा, कोलकाता जैसे शहरी इलाकों में रेलवे की संपत्तियों पर अतिक्रमण एक बड़ी समस्या बन चुकी है। भाजपा सांसद ने इसके बाद दिल्ली चुनाव की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली चुनावों के दौरान कोई हिंसा नहीं हुई, न ही किसी की जान गई, न गोलियां चलीं, न ही किसी के घर को जेसीबी से तोड़ा गया। टीएमसी सांसदों के विरोध के बीच भट्टाचार्य ने आगे यह भी कहा, पश्चिम बंगाल में राहुल गांधी के काफिले पर पत्थरबाजी की गई थी और उन्होंने एक गेस्ट हाउस भी नहीं मिल सका था।
तमिलनाडु जैसे प्रगतिशील राज्यों को नुकसान पहुंचाएंगी परिसीमन प्रक्रिया: द्रमुक सांसद
वहीं, लोकसभा में शून्यकाल के दौरान द्रमुक सांसद डी.एम. काथिर आनंद ने परिसीमन को लेकर कहा कि यह प्रक्रिया तमिलनाडु जैसे प्रगतिशील राज्यों को नुकसान पहुंचाएं, जिन्होंने अपनी जनसंख्या को काबू में किया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि सभी राज्यों का समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए और केवल जनसंख्या के आधार पर परिसीमन न किया जाए।
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आनंद ने कहा, परिसीमन प्रक्रिया के दौरान सरकार को जनसंख्या के अलावा सकल घरेलू राज्य उत्पाद (जीएसडीपी), प्रति व्यक्ति आय और बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे प्रदर्शन को भी ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की आबादी पिछले कुछ वर्षो में अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम रही है और राज्य ने जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं। इस कारण राज्य की लोकसभा सीटों की संख्या घटने की संभावना है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर अभी तक कोई आश्वासन नहीं दिया है।
भाजपा सांसद ने उठाया निशिकांत दुबे ने उठाया बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा
वहीं, भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने पश्चिम बंगाल के सीमा क्षेत्रों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रवेश का मुद्दा उठाया। दुबे ने कहा कि परिसीमन के दौरान इन घुसपैठियों को बाहर रखा जाना चाहिए। उन्होंने झारखंड में आदिवासियों की आबादा में 1951 के मुकाबले 2011 की जनगणना में कमी आने का हवाला देते हुए कहा कि मुसलमानों की आबादी में भारी वृद्धि हुई है। दुबे ने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी घुसपैठिये आदिवासी लड़कियों से जबरन विवाह कर रहे हैं और उनका धर्म परिवर्तन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि परिसीमन की प्रक्रिया के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर रखा जाए।
ड्रग की समस्या पर एक सुर में बोले भाजपा-कांग्रेस सांसद
वहीं, लोकसभा में कांग्रेस और भाजपा के सांसदों ने एक सुर में देश में बढ़ते ड्रग के खतरे पर चिंता जताई और इस संकट से निपटने के लिए तत्काल और एकीकृत कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हर दिन हम ड्रग से जुड़े अपराधों की खबरें सुनते हैं। माता-पिता सहमे हुए हैं, शिक्षक भयभीत हैं और समाज भी डरा हुआ है। हम जो देख रहे हैं, वह महज आंकड़े नहीं हैं बल्कि समाज की लाचारी और हमारे घरों का खामोश क्षरण है। पिछले दो महीनों में ही केरल में 63 हत्याएं नशीली दवाओं के सेवन से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने कहा कि बेटे मां को मार रहे हैं, भाई बहनों को मार रहे हैं। पिछले चार सालों में केरल में ड्रग से जुड़े 87,000 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। इनमें 93,599 गिरफ्तारी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं से संबंधित मामलों में 300 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने फिल्मों में हिंसा के महिमामंडन को हतोत्साहित करने की मांग की क्योंकि उनका मानना है कि इससे युवा मस्तिष्क प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, शिक्षकों, सामुदायिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील करते हैं कि वे मिलकर व्यापक और तत्काल कार्रवाई करें। हम अपने बच्चों को इस त्रासदी का सामना करने के लिए नहीं छोड़ सकते। निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में, राजनीतिक सीमाओं से परे, हमें इस चिंता को गंभीरता से संबोधित करना चाहिए।
कांग्रेस सांसद की चिंताओं का समर्थन करते हुए भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने ड्रग के खतरे को खत्म करने के लिए एकजुट प्रयास की अपील की। उन्होंने कहा कि वेणुगोपाल ने जो मुद्दा उठाया है, वह बहुत गंभीर है। नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ केंद्र या राज्य सरकारों की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज, शिक्षकों और सभी हितधारकों की भी जिम्मेदारी है। हमें नशे को जड़ से खत्म करने और अपने युवाओं को बचाने के लिए एकजुट होना होगा, ताकि भारत का सुरक्षित और सशक्त भविष्य सुनिश्चित हो सके।
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