भारतीय रेलवे यात्रियों को किफायती यात्रा उपलब्ध कराने के लिए नॉन-एसी जनरल और स्लीपर कोच की संख्या बढ़ा रहा है। सरकार के अनुसार, किराए को कम रखने के लिए प्रति यात्री औसतन करीब 45 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, कुल कोचों में करीब 70 प्रतिशत जनरल और स्लीपर क्लास के हैं। इसके अलावा, 2024-25 में लगभग 1,250 नए जनरल कोच जोड़े गए हैं और 2025-26 में करीब 860 और कोच जोड़े जाने की योजना है।
नेटवर्क का 99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा बिजली से चल रहा
रेलवे हर साल यात्रियों को करीब 60,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी देता है। वहीं, मुंबई जैसे उपनगरीय इलाकों के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाती है।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि माल ढुलाई (फ्रेट) में भी बड़ा इजाफा हुआ है। यह 2013-14 के 1,055 मिलियन टन से बढ़कर अब लगभग 1,650 मिलियन टन हो गया है, जिससे भारतीय रेलवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट कैरियर बन गया है। उन्होंने कहा कि रेलवे का विद्युतीकरण तेजी से बढ़ा है और अब लगभग 47,000 किलोमीटर ट्रैक इलेक्ट्रिफाई हो चुका है, यानी नेटवर्क का 99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा बिजली से चल रहा है।
ट्रैक निर्माण में भी तेजी आई है। पहले जहां करीब 15,000 किलोमीटर ट्रैक बनाए गए थे, वहीं अब यह बढ़कर करीब 35,000 किलोमीटर हो गया है। सुरक्षा के लिहाज से भी रेलवे ने बड़ा काम किया है। रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) की संख्या करीब 4,000 से बढ़कर 14,000 हो गई है। वहीं, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग 1,500 किलोमीटर से बढ़कर 4,000 किलोमीटर से ज्यादा हो गई है । रेल मंत्री ने बताया कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके तहत ट्रैक और ट्रेन (रोलिंग स्टॉक) की मेंटेनेंस, नई तकनीक और कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
एलएचबी कोच बढाए
उन्होंने यह भी कहा कि एलएचबी कोच (ज्यादा सुरक्षित कोच) की संख्या तेजी से बढ़ी है और हाल के वर्षों में करीब 48,000 कोच जोड़े गए हैं। इसके अलावा, लोकोमोटिव (इंजन) की संख्या करीब 12,000 तक पहुंच गई है और वैगन (माल ढुलाई डिब्बे) की संख्या 2 लाख से ज्यादा हो गई है।सरकार ने परियोजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर एक मजबूत सिस्टम बनाया है। रेल मंत्री ने बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) में भी तेजी से काम हुआ है। अब तक करीब 2,800 किलोमीटर कॉरिडोर तैयार हो चुका है, जहां रोजाना लगभग 480 मालगाड़ियां चल रही हैं।
ट्रेनों में अधिकारी नियमों के तहत ही यात्रा कर रहे: वैष्णव
भारतीय रेल की सबसे आलीशान ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स और महाराजा एक्सप्रेस में रेलवे अधिकारियों की मुफ्त यात्रा को लेकर संसद में स्थिति स्पष्ट की गई है। लोकसभा में तमिलनाडु के सांसद वीएस माथेश्वरन के सवाल के लिखित जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे अधिकारी अपने परिवार के साथ ट्रेनों में केवल रेलवे सर्वेंट (पास) नियम, 1986 के तहत ही यात्रा करने के हकदार हैं।
सांसद माथेश्वरन ने इन ट्रेनों के लाखों रुपये के भारी-भरकम किराये का हवाला देते हुए 2012 से अब तक मुफ्त यात्रा करने वाले अधिकारियों के नाम और इसके पीछे के तर्क पर सवाल उठाया था। जवाब में मंत्री ने स्पष्ट किया कि हर यात्रा निर्धारित नियमों के दायरे में ही होती है। इसके साथ ही उन्होंने करूर स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि अमृत भारत योजना के तहत वहां लिफ्ट और एस्केलेटर का काम प्रगति पर है।
अंतरिक्ष में भारत के 129 ट्रैक करने योग्य कचरे के टुकड़े: जितेंद्र सिंह
अंतरिक्ष में मौजूद भारतीय मलबे को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि मार्च 2026 तक भारतीय उपग्रह मिशनों से उत्पन्न 129 ट्रैक करने योग्य अंतरिक्ष मलबे कक्षा में मौजूद हैं। निम्न पृथ्वी कक्षा (एलईओ) और भूस्थिर पृथ्वी कक्षा (जीईओ) में क्रमशः 23 और 26 निष्क्रिय उपग्रह हैं। इसके अलावा पीएसएलवी (40), जीएसएलवी (4) और एलवीएम3 (3) के रॉकेट के अवशेष कक्षा में मौजूद हैं। पीएसएलवी सी3 रॉकेट के अवशेष के कक्षा में टूटने से उत्पन्न मलबा (33) भी मौजूद हैं। मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि मलबे मुक्त अंतरिक्ष मिशन (डीएफएसएम) के तहत 2024 में शुरू की गई पहल का लक्ष्य 2030 तक शून्य कचरा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इसरो अब मिशन डिजाइन के दौरान ही अतिरिक्त ईंधन की व्यवस्था कर रहा। साथ ही स्पैडेक्स मिशन और रोबोटिक आर्म जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिये इस मलबे को हटाने और सुरक्षित डॉकिंग की दिशा में भारत ने बड़ी सफलता हासिल की है।
पायरेसी पर प्रहार: 3100 टेलीग्राम चैनल और 800 वेबसाइटें बंद
केंद्र सरकार ने फिल्म पायरेसी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3,142 टेलीग्राम चैनल और 800 वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया है। बुधवार को लोकसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने बताया कि सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2023 के तहत यह कदम उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध रिकॉर्डिंग और प्रसारण पर तीन साल तक की जेल और निर्माण लागत का 5% तक जुर्माना हो सकता है।
राजस्थान और छत्तीसगढ़ में लगेंगे नए यूरेनियम प्लांट: केंद्र
देश की परमाणु शक्ति को बढ़ाने के लिए राजस्थान के रोहिल और छत्तीसगढ़ के जाजवाल में यूरेनियम खनन और प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कि यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की ओर से संचालित इन प्रोजेक्ट को वैधानिक मंजूरी मिलने का इंतजार है। ये पहल विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप स्वदेशी खनन क्षमता को मजबूत करेंगी। एनएफसी और बार्क के जरिये ईंधन निर्माण और परमाणु कचरा प्रबंधन को भी उन्नत बनाया जा रहा है।
संसदीय समिति ने कैपिटल एक्सपेंडिचर एफिशिएंसी फ्रेमवर्क बनाने की दी सलाह
नई दिल्ली में संसद की एक कमेटी ने सरकार को बड़े प्रोजेक्ट्स और व्यापार से जुड़े कई अहम सुझाव दिए हैं। इस कमेटी की अध्यक्ष राज्यसभा सांसद डोला सेन हैं। कमेटी ने कहा कि सरकार को एक 'कैपिटल एक्सपेंडिचर एफिशिएंसी फ्रेमवर्क (CEEF)' बनाना चाहिए। इसका मकसद यह होगा कि जिन प्रोजेक्ट्स से ज्यादा फायदा (जैसे आर्थिक विकास, रोजगार और कारोबार में आसानी) मिलता है, उन्हीं को प्राथमिकता दी जाए। इससे प्रोजेक्ट्स में देरी और खर्च बढ़ने जैसी समस्याएं भी कम होंगी। कमेटी ने पेटेंट के मामले में भी चिंता जताई। 2024 में विदेशों में भारतीयों द्वारा दाखिल पेटेंट की संख्या घटकर 13,253 रह गई, जो 2023 में 14,271 थी। कमेटी ने सुझाव दिया कि सरकार भारतीय आविष्कारकों को विदेश में पेटेंट कराने के लिए टैक्स छूट या प्रोत्साहन योजना शुरू करे। साथ ही, पेटेंट को बाजार में उतारने के लिए एक खास फंड बनाने की भी बात कही गई है।
व्यापार के मोर्चे पर कमेटी ने बताया कि 2025-26 में भारत का ट्रेड डेफिसिट (आयात ज्यादा, निर्यात कम) बढ़ा है और निर्यात में भी ठहराव देखा गया है। इसे सुधारने के लिए सरकार को मजबूत कदम उठाने चाहिए, खासकर उन सेक्टर्स में जिनमें ज्यादा संभावनाएं हैं। कमेटी ने यह भी कहा कि भारत को अपने निर्यात को बढ़ाने के लिए हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर ध्यान देना होगा और श्रम-आधारित उद्योगों को भी मजबूती देनी होगी। साथ ही, कच्चे तेल, सोना और इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है। इसके अलावा, कमेटी ने 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर देते हुए कहा कि वैल्यू एडिशन (मूल्य वृद्धि) बढ़ाने से भारत की प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी और व्यापार संतुलन बेहतर होगा। आखिरी में, कमेटी ने भारतीय रुपये (INR) में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सरकार और अलग-अलग मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की सलाह दी, ताकि वैश्विक स्तर पर रुपये की स्वीकार्यता बढ़ सके।
ऑपरेशन सिंदूर में सेना और वायुसेना की भूमिका की संसद समिति ने की सराहना
संसद की रक्षा संबंधी समिति ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना और वायुसेना के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। समिति ने कहा कि वायुसेना ने आधुनिक तकनीक और सटीक हमलों के जरिए बेहतरीन पेशेवर क्षमता दिखाई, जिससे दुश्मन के ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा। वहीं, भारतीय सेना ने भी देश की सुरक्षा में निर्णायक भूमिका निभाई। समिति ने यह भी कहा कि भारत को अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार निवेश बढ़ाना जरूरी है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सेना और वायुसेना के लिए आधुनिक हथियार, विमान और उपकरण खरीदे जाएं ताकि मौजूदा वैश्विक हालात में देश सुरक्षित रह सके।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद आपात खरीद के जरिए ड्रोन, काउंटर-ड्रोन, हथियार और निगरानी सिस्टम खरीदे जा रहे हैं, जिससे सेना की ताकत और बढ़ेगी। साथ ही, तीनों सेनाओं (थल, वायु और नौसेना) के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए ‘थिएटराइजेशन’ की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके अलावा, समिति ने सैनिक स्कूलों में छात्रों के बीच ड्रॉपआउट की समस्या पर चिंता जताई और सरकार से इसे जल्द सुधारने को कहा। लड़कियों के लिए बेहतर सुविधाएं देने और नए सैनिक स्कूल खोलने की नीति की भी समीक्षा करने की सलाह दी गई है। समिति ने साफ किया कि मजबूत सेना और आधुनिक तकनीक ही देश की सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है।
लोकसभा ने 53 लाख करोड़ से अधिक के खर्च को दी मंजूरी
लोकसभा ने बुधवार को विभिन्न मंत्रालयों की 2026-27 की अनुदान मांगों को पारित करते हुए 53 लाख करोड़ रुपये से अधिक के खर्च को मंजूरी दे दी। सदन ने इन मांगों को गिलोटिन प्रक्रिया के जरिये पास किया। इससे पहले लोकसभा में रेल मंत्रालय और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश विनियोग विधेयक (संख्या-2), 2026 भी पारित कर दिया गया। यह विधेयक वित्त वर्ष के लिए 2026-27 भारत की संचित निधि से धन खर्च करने की अनुमति देता है। गिलोटिन प्रक्रिया का मतलब होता है कि जिन मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा नहीं हो पाती, उन्हें बिना बहस के ही मंजूरी दे दी जाती है।
एक राष्ट्र एक चुनाव पर बनी जेपीसी का कार्यकाल बढ़ा
लोकसभा ने बुधवार को एक राष्ट्र, एक चुनाव से जुड़े विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट पेश करने की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब समिति अपनी रिपोर्ट 2026 के मानसून सत्र के आखिरी सप्ताह के पहले दिन तक दे सकेगी। यह प्रस्ताव समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने सदन में रखा, जिसे मंजूरी मिल गई। उन्होंने कहा कि समिति को संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए अधिक समय की जरूरत है। n दोनों विधेयक दिसंबर, 2024 में लोकसभा में पेश किए गए थे और विस्तृत जांच के लिए जेपीसी को भेजे गए थे। संविधान (129वां संशोधन) विधेयक एक राष्ट्र, एक चुनाव की योजना से जुड़ा है, जिसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना है। जबकि, दूसरा विधेयक इस व्यवस्था को लागू करने के लिए जरूरी कानूनी ढांचा तैयार करने से जुड़ा है। फिलहाल समिति इन दोनों विधेयकों की समीक्षा कर रही है, ताकि देशभर में एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था लागू की जा सके।
रेलवे राजनीति नहीं जनता से जुड़ा मुद्दा - वैष्णव
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में कहा कि रेलवे राजनीति का विषय नहीं, बल्कि आम नागरिकों से जुड़ी सेवा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सभी दलों और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे रेलवे परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने में सहयोग करें। सदन को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि कई विपक्ष शासित राज्य भी भूमि अधिग्रहण में अच्छा सहयोग कर रहे हैं, जिससे परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां राज्य सरकारें सहयोग करती हैं, वहां काम बिना किसी बाधा के होता है और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। सुरक्षा के क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि वंदे भारत ट्रेनों में कई आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं हैं। इनमें एंटी-क्लाइंबिंग तकनीक भी शामिल है, जिससे दुर्घटना के समय एक डिब्बा दूसरे पर नहीं चढ़ता और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ती है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के उपयोग से रेलवे सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है और ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई संभव हो पा रही है। केरल में रेलवे नेटवर्क के बारे में वैष्णव ने कहा, उत्तर से दक्षिण तक क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। कासरगोड से तिरुवनंतपुरम और पलक्कड़-कोयंबटूर मार्ग तक कई परियोजनाएं तैयारी के चरण में हैं। ब्यूरो
वंदे भारत पर पत्थर फेंकने वाले गिरफ्तार
वैष्णव ने कहा, वंदे भारत ट्रेन में लगे उच्च गुणवत्ता वाले कैमरों और आधुनिक तकनीक की मदद से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पत्थर फेंकने वाले आरोपियों को पकड़ा गया। ट्रेन में लगे कैमरों ने आरोपी की तस्वीर रिकॉर्ड की, जिसके आधार पर तकनीक की मदद से उसकी पहचान कर उसके घर तक पहुंचा गया।
किसानों की आय व उत्पादन बढ़ाने पर जोर- शिवराज
लोकसभा में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान मांगों को स्वीकृति दे दी गई। इस पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि मोदी सरकार खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों की आय बढ़ाने और जनता को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्यों को लेकर आगे बढ़ रही है।
चौहान ने कहा, हालिया कृषि समझौतों पर बेवजह आलोचना की जा रही है। मैं विश्वास से कह सकता हूं कि ये फैसले किसानों के लाभ के लिए हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने हमेशा गरीबों की बात की, पर उनके कल्याण के लिए कुछ नहीं किया। चौहान ने कहा, 2013-14 में कृषि बजट 21,933 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1,30,561 करोड़ रुपये हो गया है। यदि मत्स्य पालन, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और उर्वरक को जोड़ें तो कुल राशि 3,32,410 करोड़ रुपये हो जाती है। उन्होंने बताया कि देश में खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 35.73 करोड़ टन हो गया है। भारत चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ नंबर एक देश बन गया है। मंत्री ने कहा, किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए उत्पादन लागत कम करने के भी प्रयास हो रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा में शामिल किए जा सकते हैं 1.95 करोड़ और लाभार्थी
सरकार ने लोकसभा को बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के दायरे में 1.95 करोड़ और लाभार्थियों को शामिल किया जा सकता है। इस कानून के तहत, केंद्र सरकार प्राथमिकता वाले परिवारों (पीएचएच) को प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच किलो अनाज मुफ्त देती है। वहीं, अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत आने वाले परिवारों को प्रति माह 35 किलो अनाज मुफ्त मिलता है।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों की राज्यमंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया ने लिखित उत्तर में कहा, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के 75 फीसदी व विकासशील क्षेत्रों के 50 फीसदी तक लोगों को लाभ मिलता है। सरकार ने योजना के तहत 81.35 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने का लक्ष्य रखा है पर अभी तक राज्यों ने केवल 79.40 करोड़ लोगों के ही नाम दर्ज किए हैं। ऐसे में 1.95 करोड़ और लोगों के इसमें शामिल होने की गुंजाइश है।
परमाणु ऊर्जा अर्थव्यवस्था में आएगा क्रांतिकारी बदलाव
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2035 तक आयातित परमाणु ईंधन और रिएक्टरों से जुड़ी सामग्री पर सीमा शुल्क में छूट से इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। इससे न सिर्फ परियोजना लागत में कमी आएगी बल्कि बिजली उत्पादन की लागत भी घटेगी। इस कदम से परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं अधिक व्यवहार्य हो जाएंगी। विशेष रूप से वे परियोजनाएं जिनमें विदेशी सहयोग शामिल है और आयात की मात्रा काफी अधिक है।
रक्षा सौदों की समयसीमा तय हो- संसदीय समिति
तेजी से बदलते वैश्विक हालात और तकनीकी बदलावों के बीच संसद की रक्षा संबंधी स्थायी समिति ने रक्षा क्षेत्र में खरीद और अधिग्रहण प्रक्रियाओं के लिए स्पष्ट समयसीमा तय करने की सिफारिश की है। समिति ने कहा है कि लंबे समय तक देरी होने पर हथियार और तकनीक पुराने और बेकार हो सकते हैं। संसद में बुधवार को पेश अपनी रिपोर्ट में समिति ने कहा कि सेना के आधुनिकीकरण के लिए नए और अत्याधुनिक हथियारों व तकनीकों की जरूरत होती है, जो रक्षा बजट के पूंजीगत हिस्से से पूरी की जाती है। यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है, जो सुरक्षा चुनौतियों और तकनीकी बदलावों पर निर्भर करती है। समिति ने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए रक्षा क्षेत्र में पूंजीगत बजट को और बढ़ाने की जरूरत है, ताकि देश की सैन्य ताकत मजबूत बनी रहे। रिपोर्ट में बताया गया कि तीनों सेनाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ (एच क्यू आई डी एस) को संयुक्त योजना के लिए केंद्र बनाया गया है। इसके तहत इंटीग्रेटेड कैपेबिलिटी डेवलपमेंट सिस्टम (आई सी डी एस) विकसित किया गया है। समिति ने यह भी जोर दिया कि रक्षा खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। साथ ही, सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच संतुलन बनाते हुए स्वदेशी उद्योग को बढ़ावा देने और विदेशी निर्भरता कम करने के प्रयास तेज करने की जरूरत है।
भ्रामक विज्ञापनों पर कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में बताया कि सरकार ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें कोचिंग संस्थानों के भ्रामक विज्ञापनों पर सख्त कार्रवाई शामिल है। प्रश्नकाल के दौरान उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री ने कहा, भ्रामक विज्ञापनों के सिलसिले में ऐसे कई कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किए गए हैं और उन पर जुर्माना भी लगाया गया है। इन कार्रवाइयों के बाद भ्रामक विज्ञापनों की शिकायतों में कमी आई है।