कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने की डाकघर विधेयक की आलोचना
वहीं, बुधवार को 125 साल पुराने भारतीय डाकघर अधिनियम को निरस्त करने वाले डाकघर विधेयक, 2023 पर भी लोकसभा में चर्चा हुई। इस दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसकी आलोचना की। उन्होंने डाकघर विधेयक पर 'गंभीर चिंता' जताते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक में आधा-अधूरा सुधार किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीयों के मौलिक अधिकारों के लिए कहीं अधिक हानिकारक है।
शशि थरूर ने इस विधेयक को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में यह अक्सर देखा गया है कि हमारे दिमागों को उपनिवेश मुक्त करने की आड़ में सरकार ऐसे कानून ला रही है जो मनमाने और अनुचित है।
क्या है विधेयक में
बता दें कि इस विधेयक का उद्देश्य देश में डाकघरों से संबंधित कानून में संशोधन करना है। यह विधेयक संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में पेश किया गया था। विधेयक का मकसद देश की डाक सेवाओं के महानिदेशक को बड़े अधिकार देने हैं। अब भारतीय डाक के महानिदेशकों के पास नियम बनाने के साथ-साथ सेवाओं के लिए शुल्क तय करने का अधिकार भी होगा। प्रस्तावित कानून के अनुसार नियमों और कानूनों में बदलाव के लिए केंद्र सरकार अधिसूचना जारी कर सकेगी।