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बंगाल चुनाव: वोटरों के भरोसे पर खरे उतरे अर्धसैनिक बलों के 240000 जवान, अमित शाह ने थपथपाई सुरक्षा बलों की पीठ

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बंगाल चुनाव में तैनात सुरक्षा बल - फोटो : आईएएनएस
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पश्चिम बंगाल में बृहस्पतिवार को पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया है। वोटरों ने बिना किसी भय और दबाव के 152 सीटों पर हुए मतदान में हिस्सा लिया। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों/पीएसी के लगभग दो लाख चालीस हजार जवानों ने बंगाल के चुनाव में वोटरों को जो 'भरोसा, दिया था, वे उस पर खरे उतरे हैं। पहले चरण में लोगों ने बंपर वोट डाले हैं। मतदान प्रतिशत 92.88 रहा है। पहले चरण की वोटिंग पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की पीठ थपथपाई है। शाह ने निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों को धन्यवाद दिया है। 

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सात चरणों में की गई केंद्रीय बलों की तैनाती 
पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) की तैनाती को लेकर फरवरी में ही होमवर्क शुरू कर दिया गया था। केंद्रीय बलों की 2400 कंपनियों को सात चरणों के तहत पश्चिम बंगाल में भेजा गया है। पहले चरण के तहत एक मार्च को केंद्रीय बलों की 240 कंपनियां, बंगाल के लिए रवाना की गई थी। इनमें बीएसएफ की 55, सीआरपीएफ की 110, आईटीबीपी की 27, एसएसबी की 27 और सीआईएसएफ की 21 कंपनियां शामिल हैं। तैनाती के दूसरे चरण में 10 मार्च को बीएसएफ की 65, सीआरपीएफ की 120, आईटीबीपी की 20, एसएसबी की 19 और सीआईएसएफ की 16 कंपनियों को बंगाल में भेजा गया। तीसरे चरण के तहत 300 कंपनियां बंगाल में पहुंची थीं। इनमें बीएसएफ की 100, सीआरपीएफ की 125, आईटीबीपी की 25, एसएसबी की 25 और सीआईएसएफ की 25 कंपनियां शामिल हैं। 

आखिरी चरण में हुई सर्वाधिक कंपनियों की तैनाती 
तैनाती के चौथे चरण में 7 अप्रैल को 300 कंपनियां, बंगाल में भेजी गई। इनमें बीएसएफ की 100, सीआरपीएफ की 125, आईटीबीपी की 25, एसएसबी की 25 और सीआईएसएफ की 25 कंपनियां शामिल हैं। पांचवें चरण में 10 अप्रैल को 300 कंपनियां, बंगाल में तैनात की गई। इनमें बीएसएफ की 90, सीआरपीएफ की 100, आईटीबीपी की 50, एसएसबी की 30 और सीआईएसएफ की 30 कंपनियां शामिल हैं। छठे चरण में 13 अप्रैल को 277 कंपनियां, बंगाल पहुंची। इनमें बीएसएफ की 41, सीआरपीएफ की 49, आईटीबीपी की 43, एसएसबी की 34 और सीआईएसएफ की 22 कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा आरपीएफ की 40 और एसएपी की 48 कंपनियों को भी बंगाल में चुनावी ड्यूटी के लिए भेजा गया। सातवें चरण में 743 कंपनियां, बंगाल में भेजी गई। इनमें बीएसएफ की 105, सीआरपीएफ की 138, आईटीबीपी की 65, एसएसबी की 70 और सीआईएसएफ की 65 कंपनियां शामिल हैं। एसएपी की 300 कंपनियां भी बंगाल में तैनात की गई हैं। ये कंपनियां, 17 अप्रैल को चुनावी ड्यूटी पर पहुंची हैं। 
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केंद्रीय बलों को मिली अहम जिम्मेदारी 
राज्य में अति संवेदनशील बूथों की पहचान कर वहां केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' को तैनात किया गया। किसी बूथ पर पहले से कोई दूसरा बल या लोकल पुलिस भेजी गई थी तो उसे बदला गया। केंद्रीय बलों के जवानों को मतदान केंद्र पर वोटरों के पहचान पत्र की जांच करने का काम सौंपा गया। कई स्थानों के मतदान केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का नियंत्रण भी बीएसएफ को दिया गया। सीसीटीवी की निगरानी के लिए अलग से जवान तैनात किए गए। इंस्पेक्टर और उससे ऊपर के रैंक वाले ऐसे अफसर, जिन्होंने 2024 के आम चुनाव में उक्त राज्यों में ड्यूटी दी है, उन्हें तत्काल प्रभाव से बदला गया। चुनावी ड्यूटी पर तैनात कंपनी कमांडरों को तत्काल प्रभाव से 'होटल' छोड़कर जवानों के साथ ठहरने का आदेश जारी किया गया। पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सदस्यों के लिए दो चरणों में चुनाव हो रहा है। दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

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