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सहारा की डायरी में मोदी के साथ दो मुख्यमंत्रियों और एक पूर्व CM का भी नाम

Fri, 23 Dec 2016 03:50 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइलः राहुल गांधी - फोटो : amar ujala
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी जिस सहारा डायरी का हवाला देकर नरेंद्र मोदी पर आरोप लगा रहे हैं, उसमें सिर्फ प्रधानमंत्री का नाम नहीं है, बल्कि दो मौजूदा मुख्यमंत्रियों और एक पूर्व मुख्यमंत्री का भी नाम है। इन दस्तावेजों को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आदित्य बिड़ला और सहारा ग्रुप पर छापे में जब्त किए थे। इनमें ज्यादातर पार्टियों के बहुत से नेताओं के नाम हैं। 
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सुप्रीम कोर्ट ने जिस सूची पर संशय जाहिर किया है और इसमें दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और दो मौजूदा मुख्यमंत्रियों के नाम हैं। 

एक्टिविस्ट और वकील प्रशांत भूषण ने इन दस्तावेजों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। प्रशांत भूषण इस मामले में नेताओं के खिलाफ एसआईटी जांच की मांग कर रहे हैं, जिन्हें कथित तौर पर कॉरपोरेट घरानों ने पैसे दिए हैं। 

याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष कोर्ट की जस्टिस जेएस केहर और अरुण मिश्र की बेंच ने कहा था कि 'ये दस्तावेज विश्वसनीय और प्रमाणिक नहीं है' जिनके आधार पर कोई फैसला दिया जा सके। भूषण ने दावा किया है कि अपने आरोपों को लेकर वो और सबूत कोर्ट के सामने पेश करेंगे। 
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दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री का भी नाम

फाइलः प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव - फोटो : अमर उजाला
दस्तावेजों के मुताबिक दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा दो मुख्यमंत्रियों को साल 2013 में पैसे दिए गए थे। हालांकि हाथ से लिखे एक नोट को लेकर संदेह पैदा हो गया है, जिसे इनकम टैक्स अधिकारियों ने जब्त किया है। इन नोट में एक कांग्रेस नेता के साथ वर्तमान मंत्री का भी नाम है। 

भूषण ने अपनी याचिका में कहा है कि आयकर विभाग के अधिकारियों के हस्ताक्षर की सत्यता की जांच के लिए वरिष्ठ वकील और संसद सदस्य राम जेठमलानी ने दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा। 

एक्टिविस्ट वकील ने शीर्ष कोर्ट में अपनी याचिका के साथ रीजनल फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट को भी सौंपा है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दस्तावेजों पर आयकर विभाग के अधिकारी का हस्ताक्षर जाली नहीं है। भूषण का आरोप है कि कोयला घोटाला में मारे गए छापों में 'आदित्य बिड़ला ग्रुप की ओर से वर्षों से नेताओं और अधिकारियों को घुस देने का मामला उजागर हुआ।'
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