कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी जिस सहारा डायरी का हवाला देकर नरेंद्र मोदी पर आरोप लगा रहे हैं, उसमें सिर्फ प्रधानमंत्री का नाम नहीं है, बल्कि दो मौजूदा मुख्यमंत्रियों और एक पूर्व मुख्यमंत्री का भी नाम है। इन दस्तावेजों को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आदित्य बिड़ला और सहारा ग्रुप पर छापे में जब्त किए थे। इनमें ज्यादातर पार्टियों के बहुत से नेताओं के नाम हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने जिस सूची पर संशय जाहिर किया है और इसमें दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और दो मौजूदा मुख्यमंत्रियों के नाम हैं।
एक्टिविस्ट और वकील प्रशांत भूषण ने इन दस्तावेजों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। प्रशांत भूषण इस मामले में नेताओं के खिलाफ एसआईटी जांच की मांग कर रहे हैं, जिन्हें कथित तौर पर कॉरपोरेट घरानों ने पैसे दिए हैं।
याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष कोर्ट की जस्टिस जेएस केहर और अरुण मिश्र की बेंच ने कहा था कि 'ये दस्तावेज विश्वसनीय और प्रमाणिक नहीं है' जिनके आधार पर कोई फैसला दिया जा सके। भूषण ने दावा किया है कि अपने आरोपों को लेकर वो और सबूत कोर्ट के सामने पेश करेंगे।