केंद्र सरकार ने राज्यसभा में मंगलवार को बताया कि पनामा और पैराडाइज पेपर लीक में 930 भारतीय संस्थानों के 20,353 करोड़ रुपये की जमा का पता चला है। यह आंकड़ा 1 अक्तूबर, 2021 का है।
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वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने सदन में एक प्रश्न के जवाब में यह भी कहा कि पनामा और पैराडाइज पेपर लीक मामले में अब तक 153.88 करोड़ रुपये की कर वसूली की गई है। उन्होंने कहा कि कर विभाग आयकर कानून 1961 और कालाधन (अघोषित विदेशी आमदनी एवं संपत्ति) और कर आरोपण कानून 2015 उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कालाधन कानून के तहत पनामा और पैराडाइज पेपर लीक मामले में 52 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इनके अलावा 130 मामलों में सुनवाई चल रही है। उल्लेखनीय है कि मीडिया रिपोर्ट में ऐसे कुछ नाम उछले हैं, जिनका कथित रूप से पंडोरा पेपर लीक में नाम आया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी जांच जारी है।
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2000 के नोट अब केवल 1.75 फीसदी ही चलन में
सरकार ने राज्यसभा को बताया कि अब केवल 1.75 फीसदी 2000 के नोट ही चलन में रह गए हैं। वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने एक सवाल के जवाब में बताया कि मार्च 2018 में 2000 के 336.3 करोड़ नोट चलन में थे, जो अब घट कर 223.3 करोड़ रह गए हैं। मंत्री ने बताया कि सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के परामर्श से लोगों की मांग के आधार पर इस नोट की छपाई का फैसला लिया है।