नाभा जेल से छह कुख्यातों को भगाने में सहयोग करने वाले पलविंदर उर्फ पिंदा को कैराना के जांबाज सिपाहियों ने धर दबोचा। उनकी हिम्मत की जितनी भी सराहना की जाए, उतनी कम है। वहीं, दूसरी तरफ पानीपत से लेकर कैराना तक हथियारों से भरी गाड़ी हाईवे पर दौड़ती रही और पुलिस के सात चेकपोस्ट पार कर गई, इस लापरवाही पर पुलिस प्रशासन कुछ बोलने को तैयार नहीं।
जेल से कुख्यातों के भागने के बाद यूं तो पूरे देश में हाई अलर्ट जारी किया गया था। अपने साथियों को अलग-अलग स्थानों पर ड्राप करने के बाद पलविंदर का देहरादून में जाने का प्लान था। तभी उसने शामली की ओर संजय चौक से गाड़ी दौड़ाया। यहां पर हर समय पुलिस तैनात रहती है। इसके बाद वह पानीपत में बाईपास पर बने बवैल नाके को भी करीब दस मिनट बाद पार गया। पुलिस वहां भी थी। छाजपुर में अस्थायी चेकपोस्ट पर तैनात पुलिस के सामने से भी पलविंदर की कार दनदनाती निकली।
यहीं नही हरियाणा में ही कुराड़ फार्म पर स्थित पुलिस, सनौली थाना और सदर कोतवाली पानीपत पुलिस के यमुना पुल पर बने चेकपोट के सामने से भी वह बिना किसी रोक टोक के यमुना पार करते हुए यूपी की सीमा में घुस गया। यूपी पुलिस के पहले चेकपोस्ट पर भी उसे नहीं रोका गया। इससे अगले चेकपोस्ट पर आबकारी पुलिस भी इसी तरह सोयी रही। देर रात्रि तक हुई पूछताछ में उसने पुलिस की इस नाकामी की पोल भी आला अधिकारियों के सामने खोली।