भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते पर बैठक शुरू हो गई है। यह बैठक हर साल आयोजित की जाती है लेकिन पुलवामा हमले के बाद भारत की ओर से इसे स्थगित कर दिया गया था। इस बार यह बैठक दो वर्ष के बाद दिल्ली में हो रही है।
इससे पहले की मीटिंग 2018 में लाहौर में हुई थी। पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत ने इस बैठक को रद्द कर दिया था। पाकिस्तान से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल की अगुआई वहां के जल मंत्रालय के उच्च अधिकारी मोहम्मद आफताब चौधरी कर रहे हैं।
अटारी सीमा के रास्ते भारत पहुंचा पाक प्रतिनिधिमंडल
पानी के बंटवारे के विवाद पर दोनों देशों के बीच नौ वर्ष तक बातचीत चली थी। बाद में विश्व बैंक की मदद से सिंधु जल समझौता हुआ था। 19 सितंबर, 1960 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच कराची में समझौते पर दस्तखत हुए थे। समझौते के तहत 6 नदियों ब्यास, रावी, सतलुज, सिंधु, चिनाब और झेलम के पानी के बंटवारे के दोनों देशों के अधिकार शामिल हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कई बार घोषणा की है कि वह पंजाब की नदियों का पानी पाकिस्तान में नहीं जाने देंगे।