दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने मंगलवार को कहा कि वह मानते हैं कि कला की कोई सीमा नहीं होती है, लेकिन भारत में काम कर रहे पाकिस्तानी कलाकारों की नैतिक जवाबदेही बनती है कि वह सार्वजनिक रूप से उड़ी हमले की निंदा करें।
उनका यह बयान एमएनएस नेता राज ठाकरे के उस बयान के बाद आया है, जिसमें राज ठाकरे ने कहा कि हमले के बाद फवाद खान और माहिरा खान जैसे पाकिस्तानी कलाकारों को भारत छोड़ देना चाहिए, जिसमें 18 सैनिक शहीद हुए हैं। एमएनएस ने अब पाकिस्तानी कलाकारों के साथ फिल्मों की शूटिंग रोकने की धमकी दी है।
यह पूछे जाने पर कि भारतीय फिल्मों से पाकिस्तानी कलाकारों को प्रतिबंधित करना कहां तक सही है, इस पर अनुपम खेर ने कहा, ‘मेरा मानना है कि कला और संस्कृति की कोई सीमा नहीं होती है लेकिन यह अहम है और यहां काम कर रहे पाकिस्तानी कलाकारों की नैतिक जवाबदेही बनती है कि वह आतंकी हमले की निंदा करें।
इस हमले में हमारे जवाब शहीद हुए हैं।’ अभिनेता ने कहा कि उन्होंने पेशावर स्कूल हमले की निंदा की थी और पाकिस्तानी कलाकारों को ऐसा करने से किसी तरह का नुकसान नहीं है। बकौल खेर, ‘मैं उन्हें उनके देश की निंदा करने के लिए नहीं कह रहा क्योंकि यह उनके लिए काफी मुश्किल है क्योंकि आप वहां रह रहे हैं और राजनैतिक रूप से यह सही कदम नहीं हो सकता है।
हम उनका स्वागत करते हैं, हम उन्हें मंच और स्थान देते हैं, वे लोकप्रिय होते हैं, वे पैसे कमाते हैं और इसके वे लायक भी हैं। लेकिन इसके लिए अहम है कि उन्हें भारत के लोगों की संवेदनशीलता के प्रति संवेदनशील होना जरूरी है। मैंने भारतीय सैनिकों की हत्या की निंदा की है और उन्हें भी कहना चाहिए। हमने हमेशा ही दोस्ती और अच्छाई दिखाई है।’