पाकिस्तान में हुए आम चुनावों के बाद सियासत चरम पर है। दरअसल, किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत न मिलने की दशा में जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। सियासी जानकार और सेना के रिटायर्ड कर्नल अरुण शुक्ला कहते हैं कि पाकिस्तान में इन दिनों एक अलग तरह की ही सियासत चल रही है। पाकिस्तानी सेना लगातार यही चाह रही है कि इमरान खान किसी तरह सत्ता से बाहर बने रहें। लेकिन, इमरान खान के निर्दलीय सहयोगी सबसे ज्यादा जीते हैं। इसलिए, पाकिस्तानी सेना की चाल फिलहाल फेल होती दिख रही है। सूत्रों की माने तो पाकिस्तान में सेना किसी भी दशा में इमरान खान को सत्ता से बाहर रखने की हर कोशिश में लगी है। ऐसी दशा में पीएमएल (एन) और पीपीपी को भी एक करके सरकार बनवाना चाहती है। लेकिन, पीपीपी के आसिफ अली जरदारी की इच्छा अपने बेटे बिलावल भुट्टो को प्रधानमंत्री बनाने की जाग रही है।
जानकारों का मानना है कि ऐसी दशा में पीपीपी सेना की मंशा को दरकिनार कर इमरान खान के निर्दलीयों के साथ भी कदमताल करने को तैयार है। पाकिस्तानी मामलों के जानकार प्रोफेसर वाहिद रेहान कहते हैं कि इमरान खान जेल में है और सेना उनको किसी भी तरह बाहर नहीं आने देना चाहती। ऐसे में तमाम कोशिशों के बाद भी इमरान खान प्रधानमंत्री बनने की लाइन में सामने आते हुए नहीं दिख रहे हैं। इन दशाओं में अगर इमरान खान के निर्दलीयों और आसिफ अली जरदारी के बीच कोई करार होता है तो इमरान खान सत्ता में वापसी कर सकते हैं। ऐसी परिस्थियों में बिलावल को प्रधानमंत्री बनाने का सपना उनके पिता आसिफ अली जरदारी देख रहे हैं। हालांकि, इन परिस्थितियों में सीधे तौर पर जरदारी को न सिर्फ सेना का विरोध करना होगा, बल्कि लंदन से वापस बुलाए गए नवाज शरीफ का भी विरोध झेलना होगा।
वहीं, दूसरी स्थिति में सरकार बनवाने की दशा में पाकिस्तान की सेना एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। विदेशी मामलों के जानकार वाहिद रेहान कहते हैं कि जरदारी पीटीआई को सपोर्ट कर अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनवाना चाहते हैं। जबकि, पाकिस्तान सेना चीफ असीम मुनीर और नवाज शरीफ पीटीआई को दरकिनार कर कुछ निर्दलीयों के सहयोग के साथ सरकार बनाने की दूसरी थ्योरी पर काम कर रहे हैं। वह कहते हैं, जरदारी और नवाज समेत सेना की मंशा से विपरीत इमरान खान चुनावी नतीजे को चैलेंज कर अपनी पुरानी 180 से ज्यादा सीटों को वापस पाने की चाह रखते हैं। यही वजह है कि किसी को बहुमत न मिलने की दशा में पाकिस्तान की सियासत उलझ गई है।
जानकारों का मानना है कि सिर्फ पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के साथ साथ राज्य की सियासत में भी उलझी हुई है। जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान में नवाज शरीफ की पीएमएल के नेता चाहते हैं कि शरीफ की बेटी मरियम पंजाब की मुख्यमंत्री बने। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को हुई पीएमएल की पार्टी की एक अहम बैठक में कुछ नेताओं ने नवाज शरीफ की जगह पर शाहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री का चेहरा बनाने की बात कही। तर्क यह दिया गया की नवाज शरीफ पहले भी प्रधानमंत्री रह चुके हैं। अगर शाहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री बनाते हैं तो नवाज शरीफ पाकिस्तान के सुप्रीम पावर सेंटर के तौर पर भी बने रह सकते हैं और उनकी बेटी मरियम मुख्यमंत्री बन सकती है। विदेशी मामलों के जानकार रिटायर्ड कर्नल अरुण कहते हैं कि पंजाब में भी सरकार बनाने के लिए पीएमएल को किसी अन्य दल का सहारा लेना होगा। ऐसे में कोई भी फैसला पार्टी के नेता एक बैठक में नहीं कर सकते।