पठानकोट एयरबेस के टेक्निकल एरिया को बड़े पर्दे से ढ़क कर पाकिस्तान के विशेष जांच दल (एसआईटी) की नजरों से दूर रखा जाएगा। पठानकोट आतंकी हमले की जांच के लिए पाकिस्तान में गठित एसआईटी के एयरबेस में प्रवेश की रक्षा मंत्रालय की लगातार आपत्ति की काट में यह उपाय निकाला गया है। पाक एसआईटी 27 मार्च को जांच के सिलसिले में भारत पहुंच रहा है।
यह फैसला भारत और पाकिस्तान केबीच आतंकवाद केमसले के निबटाने की जिम्मेदारी संभाल रहे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीद दोभाल के स्तर पर किया गया है।
यह वही टेक्निकल एरिया है जहां खड़े वायुसेना के लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर पठानकोट हमले के लिए आए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों का असल निशाना था। हमले से पहले मिली खुफिया सूचना के आधार पर वहां के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों को हटाकर हैंगर में खड़ा कर दिया गया था।
उधर चार जैश आतंकवादी सुरक्षा बल के साथ टेक्निकट एरिया से दूर ही उलझ गए और वहीं मारे गए। हमले केबाद पाकिस्तान ने पहली बार आतंकी कार्यवाई की बात मानते हुए इसकी साझा जांच को तैयार हुआ। इसी केलिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पहल पर एसआईटी गठित की गई।