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पाकिस्तान मसूद अजहर को गिरफ्तार करे तो बन सकती है आगे की बात

Fri, 22 Feb 2019 01:42 PM IST
अमर शर्मा शशिधर पाठक, नई दिल्ली
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masood azhar
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पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ दिखने वाली ठोस कार्रवाई करे तो आगे की बात बन सकती है। भारत ने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के पास यह संदेशा भेजा। इस संदेश पर भारत को पाकिस्तान के रुख का इंतजार है। भारत चाहता है कि पाकिस्तान पुलवामा हमले के मास्टर माइंड जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को गिरफ्तार करके उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करे। इसमें जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन पर प्रतिबंध भी शामिल हैं।
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उच्चपदस्थ सूत्र के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच में शांति तथा सौहार्दपूर्ण रिश्ते के लिए यह एक जरूरी प्रक्रिया है। भारत ने साफ किया है कि शांति के प्रयास और सीमा पार का आतंकवाद दोनों साथ-साथ नहीं चल सकता। यह भारत का पुराना रुख है और नई दिल्ली इस पर कायम है। 

यह पूछे जाने पर यदि पाकिस्तान इस दिशा में अपने पुराने ढर्रे पर रहता है तो भारत का रुख क्या रहेगा? इस पर सूत्र का कहना है कि भारत पाकिस्तान को आर्थिक, राजनीतिक, कूटनीतिक स्तर पर द्विपक्षीय रिश्तों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कोशिश करता रहेगा। इसके अलावा आतंकवाद के विरुद्ध हर संभव ठोस कदम उठाने से नहीं हिचकेगा।

नई दिल्ली को आत्मरक्षा का अधिकार

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन समेत दुनिया के देशों का मानना है कि भारत को अपनी आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कड़े शब्दों में पाकिस्तान को चेतावनी दी है। दुनिया के देश भारत में पुलवामा और इससे पहले हुए सीमापार से और पाकिस्तान की जमीन से संचालित आतंकी संगठनों के हमले की निंदा कर चुके हैं। 
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लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुनिया के देश भारत और पाकिस्तान के बीच में युद्ध या युद्ध जैसे हालात और टकराव के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में भारत का प्रयास है कि दुनिया के देश पाकिस्तान पर आतंकवाद के विरुद्ध दबाव बनाने के लिए भारत के साथ हर संभव सहायता में खड़े हों। इसके लिए भारत ने अमेरिका में अपने राजदूत, पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त समेत पूरी दुनयिा में फैले भारतीयों मिशनों के जरिए तेजी से प्रयास शुरू किया है। 
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सीमा पार है सैन्य कार्रवाई का भय

पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लोगों के भीतर भारतीय सुरक्षा बलों की कार्रवाई का भय लगातार फैल रहा है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति इमरान खान की भारत द्वारा जवाबी कार्रवाई किए जाने के बाद दी गई चेतावनी ने इस भय को और बढ़ा दिया है। सैन्य सूत्र बताते हैं कि पुलवामा की घटना के बाद से पाकिस्तान के फाइटरजेट, निगरानी उपकरण, सीमा पार की पेट्रेलिंग आदि में काफी तेजी देखी जा रही है। 

राजौरी, पुंछ, उड़ी,कुपवाड़ा से सटे निकिआल, कोटली, हजीरा, डुंगी, काहुटा, आलियाबाग, सफैदा, बालकोट तक भारत के साथ तनाव की आशंका का असर साफ देखा जा रहा है। बताते हैं उड़ी में सैन्य छावनी पर हमले के बाद जिस तरह से भारतीय सुरक्षा बलों ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था, उससे सीमा पार लोग किसी बड़ी कार्रवाई का अंदेशा लगा रहे हैं। 

सर्जिकल स्ट्राइक के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल एक पूर्व सैन्य अधिकारी के अनुसार सेना और सुरक्षा बल चुप बैठने वाले नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह की गंभीरता दिखाई है, उससे उन्हें भी अंदाजा है कि कोई बड़ी योजना तैयार हो रही है। लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों के सीआरपीएफ के साझा संवाददाता सम्मेलन को भी पूर्व सैन्य अधिकारी पाकिस्तान और वहां से संचालित आतंकी संगठनों के लिए काफी गंभीर चेतावनी की तरह देख रहे हैं। 

विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने साधी चुप्पी

पुलवामा के बाद भारत क्या करेगा? सवाल लाख टके का है, लेकिन कूटनीति, सैन्य नीति, रणनीति और भारत-पाकिस्तान के बीच की राजनीति को समझने वालों का कहना है कि बहुत कुछ बताया नहीं जाता। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम केवल इतना कह सकते हैं कि कुछ ठोस प्रयास जरूर होगा। आप इंतजार कीजिए। 

सूत्र का कहना है कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद देश के भीतर काफी गुस्सा है। इसे सरकार महसूस कर रही है। सीमा पार से सहयोग पाकर भारत में आतंकी वारदात को अंजाम देने की करतूत को अब से बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने जिस लहजे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का बयान आने के बाद जवाब दिया है, संदेश देने के लिए काफी है।
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