इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुताबिक अप्रैल 2020 से बीएस-6 मानक लागू होने के बाद सभी सेगमेंट की गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी होगी, जिसके चलते दूसरी तिमाही यानी जलाई-सितंबर 2019 में डिमांड में तेजी आ सकती है, वहीं पहली छमाही में गाड़ियों की बिक्री में कमी दर्ज की जाएगी।
रेटिंग एजेंसी का कहना है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के 10 महीनों में यात्री वाहनों की बिक्री में 4 प्रतिशत की ग्रोथ रही है। वहीं, अगले वित्तीय वर्ष में भी ग्रोथ साधारण रहेगी। जबकि 2018-19 के 10 महीनों में 23 प्रतिशत ग्रोथ देखने वाले वाणिज्यिक वाहनों के सेगमेंट में 2019 में सिंगल डिजिट ग्रोथ देखी जा सकती है।
इससे पहले खबरें आई थीं कि Maruti Suzuki और Mahindra जल्द ही कारों में डीजल इंजन से तौबा कर सकती हैं। दोनों ही कंपनियां डीजल कारों पर निर्भरता खत्म करने की योजना पर काम कर रही हैं। मारुति चाहती है कि डीजल की बजाय सीएनजी पर निर्भरता बढ़ाई जाए। वहीं महिन्द्रा की ज्यादातर कारें डीजल इंजन पर बेस्ड हैं। महिन्द्रा के प्रबंध निदेशक पवन गोयनका के मुताबिक केवल बोलेरो को छोड़ कर सभी कारों में पेट्रोल इंजन का विकल्प मिलेगा।
वहीं मारुति सीएनजी वाहनों पर फोकस करना चाहती है, जिसके लिए उन्होंने योजना के तहत अपने डीलरों से सीएनजी डिस्पेंसिंग स्टेशंस का लाइसेंस लेने के लिए कहा था। कंपनी की योजना है कि 2022 तक 2 लाख पैसेंजर वाहन हर साल बेचे जाएं।
इससे पहले पिछले साल दिसंबर में मारुति की तरफ से खबरें थीं कि भारत में डीजल वाहनों की मांग में कमी आई है और मारुति की योजना पेट्रोल और सीएनजी कारों के साथ-साथ इकोफ्रेंडली हाइब्रिड कारों और इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में उतारने की है बीएस 4 में मौजूदा बीएस 6 डीजल इंजनों को अपग्रेड करना उन्हें काफी महंगा बना देगा। इसी को ध्यान में रखते हुए मारुति ने डीजल इंजन बंद करने की योजना बनाई है।