पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान आर्थिक तंगी के साथ आतंकी मार भी झेल रहा है। इस बीच पाकिस्तान में आत्मघाती हमलों में वृद्धि देखी गई है। एक थिंक टैंक की रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि 2023 के पहले सात महीनों में 18 ऐसी घटनाएं हुईं, जिनमें 200 से अधिक लोग मारे गए और 450 से अधिक अन्य घायल हुए हैं। रिपोर्ट पाक इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) ने जारी की है।
रिपोर्ट प्रकाशित होने से एक दिन पहले ही अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी के एक राजनीतिक सम्मेलन में इस्लामिक स्टेट के आत्मघाती हमलावर ने एक शक्तिशाली विस्फोट किया था, जिसमें कम से कम 54 लोग मारे गए थे। स्थानीय मीडिया ने इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2022 में पाकिस्तान में 15 आत्मघाती हमले हुए, जबकि इस साल अब तक 18 आत्मघाती हमले हो चुके हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अशांत आदिवासी जिले हैं। 2023 में कुल आत्मघाती हमलों में से आधे इन्हीं इलाकों में हुए हैं। इस क्षेत्र में हुए नौ हमलों में लगभग 60 लोगों की जान चली गई, जबकि 150 से अधिक अन्य घायल हुए थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मुख्य खैबर पख्तूनख्वा को सबसे ज्यादा तबाही का सामना करना पड़ा है। यहा अब तक चार आत्मघाती हमलों में 110 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 245 घायल हो चुके हैं। बलूचिस्तान ने 2023 के पहले सात महीनों के भीतर कम से कम चार आत्मघाती हमले झेले हैं, जिसमें 14 लोग मारे गए और 27 अन्य घायल हुए। वहीं, सिंध में एक आत्मघाती हमले की सूचना मिली, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और 18 लोग घायल हुए।
बंदूकधारियों के हमले में 2 पाक पुलिसकर्मी मारे गए
देश के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को पोलियो टीकाकरण टीम की सुरक्षा में जा रहे दो पाकिस्तानी पुलिसकर्मियों को दहशतगर्दों ने निशाना बनाया। गोलीबारी में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रांत में पांच साल से कम उम्र के लगभग 2.6 मिलियन शिशुओं को टीका लगाने के लिए एक सप्ताह तक चलने वाले अभियान के पहले दिन क्वेटा के नवा किल्ली इलाके में यह हमला हुआ। पोलियो टीकाकरण टीम के सदस्य सुरक्षित बच गए, लेकिन टीम को सुरक्षा प्रदान करने वाले दो पुलिसकर्मी अज्ञात बंदूकधारियों की अंधाधुंध गोलीबारी में मारे गए।