अपने उच्चायोग के कर्मचरियों के माध्यम से भारत में जासूसी कराने के मामले में घिरने और फजीहत झेलने के बाद पाकिस्तान ने बुधवार को अपने छह अधिकारियों को वापस बुला लिया है। पाकिस्तान ने यह फैसला जासूसी में लिप्त अपने अन्य अधिकारियों से पूछताछ की भनक लगने केबाद लिया है।
दअरसल बीते हफ्ते जासूसी मामले में रंगे हाथ पकड़े गए पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी महमूद अख्तर ने पुलिस की ओर से की गई पूछताछ में दूतावास में कार्यरत उन दर्जन भर से अधिक अधिकारियों केनाम बताए थे जो कि भारत में जासूसी रैकेट में शामिल हैं।
अख्तर ने इन सभी छह अधिकारियों के नाम बताए थे जो कि बुधवार को स्वदेश लौट गए। पुलिस जल्द ही इनसे पूछताछ की योजना बना रही थी। फजीहत से बचने केलिए अपने छह अधिकारियों को वापस बुलाने के बाद पाकिस्तान अपने यहां भारतीय उच्चायोग में कार्यरत दो अधिकारियों को अनाधिकृत व्यक्ति घोषित कर स्वदेश भेजने की तैयारी में है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन अधिकारियों पर पाकिस्तान भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के लिए काम करने का आरोप लगाएगा। भारत और पाकिस्तान अब तक एक एक अधिकारी को अनाधिकृत व्यक्ति घोषित कर स्वदेश भेज चुके हैं।
पाक उच्चायोग में कार्यरत छह अधिकारी बुधवार को वाघा सीमा से स्वदेश लौटे। सूत्रों के मुताबिक ये वही अधिकारी थे, जिनके संबंध में महमूद अख्तर ने पूछताछ के दौरान जासूसी रैकेट में शामिल होने की जानकारी दी थी। फजीहत से बचने के लिए पाकिस्तान अपने कुछ और अधिकारियों को वापस बुला सकता है। क्योंकि दिल्ली पुलिस उच्चायोग के बाकी बचे उन अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है जिसके जासूसी में लिप्प्त होने की जानकारी अख्तर ने पूछताछ के दौरान दी थी।
गौरतलब है कि पुलिस ने अख्तर को दो भारतीय नागरिकों के साथ संवदेनशील दस्तावेज के आदान प्रदान के दौरान मौके पर ही हिरासत में लिया था। अख्तर को राजनयिक का दर्जा होने के कारण उसे बाद में रिहा करने के साथ ही अनाधिकृत व्यक्ति घोषित कर परिवार सहित पाकिस्तान लौटने के लिए कह दिया गया था।
'पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग से दो राजनयिकों को अनाधिकृत व्यक्ति घोषित किए जाने की मीडिया रिपोर्ट्स की जानकारी विदेश मंत्रालय को है। हम बस इस बारे में आधिकारिक जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।'-विकास स्वरूप, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय